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‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित यूपी @2047’ के लिए 73 लाख ने दिए सुझाव, टॉप 3 में शामिल हैं ये जिले

Chikheang 2025-11-5 03:37:00 views 773
  

विकसित यूपी @2047 के लिए 73 लाख ने दिए सुझाव।



डिजिटल डेस्क, लखनऊ। ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047-समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने छात्रों, शिक्षकों, उद्यमियों, किसानों, स्वयंसेवी संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान प्रदेश की विकास यात्रा की जानकारी साझा कर भविष्य के रोडमैप पर फीडबैक प्राप्त किया गया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

महाभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 73 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 58 लाख और नगरीय क्षेत्रों से 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं।
शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास पर सर्वाधिक फीडबैक

आयु वर्ग के अनुसार देखें तो 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से 36 लाख से ज्यादा, 31–60 वर्ष से 33.54 लाख से ज्यादा और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से 3.42 लाख से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए हैं। प्राप्त सुझावों में सबसे अधिक कृषि (19.30 लाख से ज्यादा), ग्रामीण विकास (14.16 लाख से ज्यादा) और शिक्षा (16.42 लाख से ज्यादा) से संबंधित रहे। इसके अलावा उद्योग, आईटी, पर्यटन, समाज कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी व्यापक राय दी गई। फीडबैक देने वाले जिलों में जौनपुर (7.42 लाख से ज्यादा) पहले, संभल (6.89 लाख से ज्यादा) दूसरे और गाजीपुर (3.37 लाख से ज्यादा) तीसरे स्थान पर रहे।
रोजगार, शिक्षा, न्यायिक सुधार और औद्योगिक निवेश पर जोर

महोबा के योगेश नायक जी ने सुझाव दिया है कि कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर सिंचाई प्रणाली और सोलर पंपों का उपयोग बढ़ाया जाए। छोटे किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज और डिजिटल मंडी की सुविधाएँ स्थापित की जाएँ तथा पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों के लिए बीमा योजनाएँ शुरू की जाएँ।

फतेहपुर के प्रशांत कुमार जी का मानना है कि 2047 तक विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा जब शिक्षा और कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। नई शिक्षा नीति के अनुरूप तकनीकी शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और शोध आधारित अध्ययन से छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया जा सकता है।

कुशीनगर के आदित्य मिश्र जी ने न्यायिक, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि, कृषि, कर, बिजली, शहरी, जल प्रबंधन, औद्योगिक, श्रम और पर्यावरण क्षेत्रों में व्यापक सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत की है, जिनमें फास्ट ट्रैक कोर्ट, एआई-आधारित केस प्रबंधन, पारदर्शी भूमि रिकॉर्ड, स्मार्ट ग्रिड और हरित बुनियादी ढांचे जैसे सुझाव शामिल हैं।

वहीं, फर्रुखाबाद के रजत गुप्ता जी ने युवाओं को रोजगार प्रदान करने पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में हरियाणा, तमिलनाडु और गुजरात की तरह बड़ी कंपनियों को आमंत्रित किया जाए ताकि लखनऊ और कानपुर जैसे औद्योगिक केंद्रों के माध्यम से प्रदेश को नई ऊर्जा, युवाओं को रोजगार और विकास को नई दिशा मिल सके।
51,000 से अधिक ग्राम सभाओं में बैठकें सम्पन्न

प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष बैठकें और गोष्ठियां आयोजित की गईं। अब तक 65 जिला पंचायतों, 821 क्षेत्र पंचायतों और 51,828 ग्राम पंचायतों में संवाद कार्यक्रम सम्पन्न हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह महाभियान जनता की सहभागिता और सुझावों के आधार पर “विजन उत्तर प्रदेश 2047” डॉक्यूमेंट तैयार करने की दिशा में अग्रसर है।
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