आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। 9 नवम्बर को बुध वृश्चिक राशि में वक्री (Budh Vakri 2025) हो रहे हैं। कुछ राशियों को नए काम शुरू करने के बजाय पुराने प्लान को सुधारने की सलाह दी जा रही है। आइए मकर से मीन राशि के लोगों पर बुध देव के वक्री होने का क्या असर पड़ेगा जानते हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
मकर (Capricorn) – बुध वृश्चिक राशि में वक्री, 9 नवम्बर 2025
बुध आपके छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके ग्यारहवें भाव में वक्री होंगे। लंबे समय के लक्ष्यों और पेशेवर संबंधों की समीक्षा का समय है। सहकर्मियों या मित्रों के साथ संवाद में गलतफहमी हो सकती है। बुध के पांचवें भाव पर दृष्टि से क्रिएटिविटी या प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव संभव है। नए काम शुरू करने की बजाय पुराने योजनाओं को सुधारें।
उपाय
बुध आपके पांचवें और आठवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके दसवें भाव में वक्री होंगे। पेशेवर मामलों में देरी या गलतफहमी संभव है। महत्वपूर्ण निर्णय या नए कॉन्ट्रैक्ट्स में जल्दबाजी न करें। बुध के चौथे भाव पर प्रभाव से काम और परिवार का संतुलन बिगड़ सकता है। परिवार और मानसिक शांति को प्राथमिकता दें। यह समय करियर दिशा और लंबी योजना पर सोचने के लिए अच्छा है।
उपाय
बुध आपके चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं और यह आपके नौवें भाव में वक्री होंगे। यह समय शिक्षा, यात्रा और विश्वास पर ध्यान देने का है। पुराने अध्ययन या शिक्षा संबंधी कामों को दोबारा देख सकते हैं। जीवन के सिद्धांतों पर सवाल उठ सकता है। बुध के तीसरे भाव पर दृष्टि से आप बातचीत करते समय सोच-विचार करेंगे। अपने विचार सामने रखने से पहले सोचें। मार्गदर्शकों से फिर से जुड़ना या लंबी योजनाओं की समीक्षा करना लाभकारी होगा।
उपाय
बौद्धिक विकास के लिए भगवान विष्णु को हरी इलायची अर्पित करें।
बुधवार को छात्रों को किताबें या नोटबुक दान करें।
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लेखक: श्री आनंद सागर पाठक, Astropatri.com, प्रतिक्रिया के लिए लिखें: hello@astropatri.com।