गिरीडीह में दुर्गा मंडपों और मेला स्थलों की रौनक हुई फीकी। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, गिरिडीह। दुर्गा पूजा के उत्साह, उमंग और खुशियों पर बारिश ने पानी फेर दिया। बुधवार को दोपहर बाद से शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही।
गुरुवार को भी सुबह से ही बारिश हो रही है। कभी मूसलाधार तो कभी रिमझिम बारिश जारी है। इस बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मेला में दुकान लगाए दुकानदारों की भी चिंता बढ़ गई है।
बता दें कि बुधवार को दोपहर बाद तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई, जो देर रात तक जारी रही। बारिश के कारण लोग मेला घूमने नहीं पहुंच पाए।
लोगों की मेला जाने की तैयारी धरी की धरी रह गई। पूजा पंडालों और मेला में 10 प्रतिशत भी भीड़ नहीं हुई। पूजा पंडालों और मेला में न कोई चहल पहल रही और न कोई रौनक।
आज भी उम्मीदों पर फिर सकता पानी
विजयादशमी यानी गुरुवार को भी बारिश हो रही है। इस कारण लोग पूजा-अर्चना के लिए दुर्गा मंडपों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसका असर मेला में भी देखने को मिलेगा। अगर इसी तरह बारिश जारी रही तो आज भी लोग मेला का आनंद नहीं ले पाएंगे। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
दुकानदार परेशान, सता रही चिंता
मेला में विभिन्न तरह की दुकान लगाने वाले दुकानदार भी चिंतित है। दुकानों में मिठाई, खिलौने सहित सभी सामान धरे के धरे रह गए हैं। अगर आज भी ऐसी ही स्थिति रही तो उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी।
दुकानदारों ने बताया कि पहले दिन के मेले में बिक्री नहीं हुई। कई सामान खराब हो गए। आज मेला का अंतिम दिन है। आज भी यदि बारिश होती रही तो काफी काफी नुकसान होगा।
महाजनों से कर्ज और दुकानों से उधार सामान लेकर दुकान लगाए हैं। बिक्री नहीं होगी तो उनका कर्ज कैसे चुकाएंगे।
भगवान इंद्र की आराधना
बारिश रोकने के लिए दुर्गा मंडपों में पुजारी और पंडित भगवान इंद्र से प्रार्थना कर रहे हैं।
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