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63 लाख मजदूरों का पलायन: 71% दूसरे राज्य, सिर्फ 25% बिहार में, टाटा इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक का चौंकाने वाला आंकड़ा

cy520520 2025-12-12 10:06:54 views 1258
  

प्रतीकात्मक तस्वीर



जागरण संवाददाता, पटना। अनुग्रह नारायण सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज में बिहार से मौसमी प्रवासन के विषय पर गुरुवार से राष्ट्रीयस्तर के दो दिवसीय परामर्श की कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

आयोजन में बिहार के साथ गुजरात, केरल, राजस्थान, झारखंड, दिल्ली के की अकादमिक जगत के शोधार्थी, मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि, बिहार के विभिन्न जिलों में काम करने वाली स्वैच्छिक संस्थाओं तथा सरकार के प्रतिनिधि शामिल हुए।

टाटा इंस्टीट्यूट के पूर्व निदेशक पुष्पेंद्र कुमार ने जातिगत आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि बिहार से 63 लाख से ज्यादा श्रमिक प्रवासन करते हैं। इसमें केवल 25 प्रतिशत ही राज्य के अंदर प्रवासन करते हैं।

71 प्रतिशत अन्य राज्यों में और तीन प्रतिशत से ज्यादा देश के बाहर जाते हैं। बिहार के पलायन पर काम करने वाले प्रो. राम बाबू भगत और अविरल शर्मा ने भी अपनी प्रस्तुतियां दी। सत्र का संचालन साउथ एशिया यूनिवर्सिटी के डॉ. रवि ने किया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रयासों की प्रस्तुति

इसके बाद प्रवासी श्रमिकों के अधिकाओं की रक्षा के लिए सरकार और स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा किए गए प्रयासों की प्रस्तुति हुई। श्रम संसाधन विभाग के सहायक श्रम आयुक्त डॉ. गणेश झा ने बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का विवरण दिया।

एक्शन ऐड संस्था के शत्रुघ्न दास ने गयाजी जिले में ईंट-भट्टा मजदूरों की परिस्थिति और उनकी संस्था द्वारा बंधुआ मजदूर छुड़ाने के प्रकरण की जानकारी दी। इस सत्र में राजस्थान और केरल से आए हुए प्रतिनिधियों ने उनकी यूनियन द्वारा बिहार के प्रवासी श्रमिकों के साथ किए गए काम की जानकारी दी।
बाल श्रम और मानव तस्करी पर हुईं बातें

तीसरे सत्र में बाल श्रम और मानव तस्करी के ऊपर काम करने वाली संस्थाओं ने अपने कार्यों की प्रस्तुति दी। इस सत्र में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. तुलसीराम मांझी और राकेश कुमार ने आयोग के काम को प्रस्तुत किया। न्याय नेटवर्क की एडवोकेट संजू सिंह और अदिति संस्था ने अपनी संस्थाओं के काम की जानकारी दी।

यूनिसेफ के सलाहकार ने पूरे राज्य की स्थिति की जानकारी दी। सत्र का संचालन सेंटर डायरेक्ट संस्था के प्रमोद शर्मा ने किया। अंतिम सत्र में आगे के कदमों पर विमर्श हुआ। इस सत्र का संचालन जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हिमांशु कुमार ने किया। इस सत्र में एएन सिन्हा संस्थान के असिस्टेंट प्रो.र विकास विद्यार्थी, डा. रवि कुमार और सीएलआरए संस्था से सुधीर कटियार ने भाग लिया।
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