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जनसाधारण एक्सप्रेस की भारी भीड़ से टिकट काउंटर पर अव्यवस्था, महिलाओं के साथ अभद्रता; RPF-GRP गायब

LHC0088 2025-12-14 22:08:00 views 1141
  

भीड़ से टिकट काउंटर पर अव्यवस्था



संवाद सहयोगी, रक्सौल। रक्सौल से लोकमान्य तिलक टर्मिनल के लिए प्रत्येक शनिवार को चलने वाली जनसाधारण एक्सप्रेस में इस बार यात्रियों की संख्या अप्रत्याशित रूप से अधिक रही। यात्रियों की भारी भीड़ के कारण स्टेशन परिसर में टिकट काउंटरों पर अव्यवस्था की स्थिति बनी रही।  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को उठानी पड़ी। स्टेशन पर टिकट के लिए कुल छह काउंटर उपलब्ध हैं, जिनमें एक नंबर की खिड़की विश्रामालय बुकिंग के लिए निर्धारित है, जबकि छह नंबर की खिड़की महिला, वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित है।  

इसके बावजूद इस काउंटर पर भी सामान्य यात्रियों की भीड़ लगी रही। हैरानी की बात यह रही कि अत्यधिक भीड़ के बावजूद दो नंबर की खिड़की बंद रही, जिससे टिकट लेने के लिए लंबी कतारें लग गईं और धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई।
महिलाओं से अभद्रता के आरोप, आरपीएफ-जीआरपी गायब

टिकट लेने के दौरान हो-हल्ला होता रहा। लाइन में खड़ी महिलाओं व युवतियों पर फब्तियां कसे जाने की शिकायत भी सामने आई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि भारी भीड़ के बावजूद एक भी पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे उन्हें असुरक्षा का अहसास हुआ। भीड़ नियंत्रण के लिए न तो आरपीएफ और न ही जीआरपी के जवान दिखाई दिए।  

कई यात्रियों ने बताया कि काउंटर बंद रहने और अव्यवस्था के कारण उन्हें टिकट नहीं मिल सका, जिससे वे बाहर रोजगार के लिए नहीं जा सके। जानकारी के अनुसार शनिवार को जनसाधारण एक्सप्रेस से लगभग 2200 यात्रियों ने यात्रा की और करीब 10 लाख 90 हजार रुपये की टिकट बिक्री हुई।
यात्रियों व स्टेशन अधीक्षक की प्रतिक्रिया

लाइन में खड़े इम्तेयाज अहमद, भगीरथ महतो, भीम कुमार, तबरेज मियां, गुलशन कुमार सहित अन्य यात्रियों ने कहा कि यदि दो नंबर की खिड़की खुली रहती तो टिकट लेने में काफी सहूलियत होती। कुछ लोग हो-हल्ला कर खिड़की के पास पहुंचकर टिकट ले रहे थे। यात्रियों ने कहा कि पुलिस बल की तैनाती होती तो व्यवस्था बेहतर रहती।
आरपीएफ व जीआरपी के जवानों की अनुपस्थिति पर आश्चर्य

इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक सतीश कुमार जयसवाल ने बताया कि छह नंबर की खिड़की महिला, दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित है, लेकिन वहां भी अनधिकृत लोग टिकट ले रहे थे।  

उन्होंने आरपीएफ व जीआरपी के जवानों की अनुपस्थिति पर आश्चर्य व्यक्त किया और बताया कि 2200 यात्रियों से लगभग 10 लाख 90 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
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