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विभागों के बीच विवाद की भेंट चढ़ा हरियाणा का यह ऐतिहासिक महल, देख-रेख के अभाव में हो रहा जर्जर

deltin33 2025-12-17 06:36:44 views 987
  

ख-रेख के अभाव में एक बार फिर से जर्जर हो रहा है राजा नाहर सिंह महल। फाइल फोटो



जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़। राजा नाहर सिंह महल दो विभागों के बीच विवाद होेने के कारण देख-रेख के अभाव में एक बार फिर से जर्जर हो रहा है। जबकि महल में आए दिन किसी न किसी फिल्म, धारावाहिक या फिर व्यवसायिक उत्पादों को लेकर शूटिंग व शादी-समारोह का आयोजन होता है। इसके बावजूद कोराेना के बाद में अभी तक किसी विभाग ने इसकी सफेदी और रंग-रोगन भी नहीं किया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
महल का एतिहासिक महत्व है

राजा नाहर सिंह 1857 की क्रांति के अग्रणी पंक्ति के योद्धा थे। उन्होंने अंग्रेजों से जमकर लड़ाई लड़ी थी और अंतिम मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर की सुरक्षा की जिम्मेवारी संभाली थी। अंग्रेजों ने राजा नाहर सिंह को दिल्ली लाल किले में संधि करने के बहाने बुलाकर गिरफ्तार कर लिया और उन्हें नौ जनवरी-1858 को चांदनी चौक लाल कुआं पर सार्वजनिक रूप से फांसी के फंदे पर लटका दिया।
महल का 1996 में किया गया था जीर्णोद्धार

राजा नाहर सिंह महल देख-रेख के अभाव में पूरी तरह से जर्जर हो गया था। 1992 में तत्कालीन उपायुक्त केके जालान और तत्कालीन विधायक राजेंद्र सिंह बीसला ने महल के जीर्णोद्धार व सुंदरीकरण के लिए एक लोगों की बल्लभगढ़ सुंदरीकरण समिति का गठन किया था।

इसका उपायुक्त को चेयरमैन, विधायक को उपाध्यक्ष और एसडीएम को सचिव बनाया गया। यह महल 1996 में पूरी तरह से तैयार हो गया। महल की देख-रेख की जा सके इसे ध्यान में रखते हुए 1996 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल ने सांस्कृतिक कार्तिक उत्सव लगाना शुरू कर दिया। यह उत्सव 2000 तक लगाया गया।

27 सितंबर-2000 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने महल की देख-रेख करने के लिए यहां पर पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग का होटल खोल दिया। तब यहां पर बार भी थी। बाद में लोगों ने बार का विरोध किया तो सरकार ने इसे बंद कर दिया। पर्यटन विभाग का यहां पर अभी भी होटल चल रहा है। महल पर हरियाणा पुरातत्व विभाग का नियंत्रण है।
दो विभागों का विवाद

महल में होने वाली शूटिंग, शादी-विवाह समारोह के आयोजन की बुकिंग राशि को पर्यटन विभाग लेता है, लेकिन पर्यटन विभाग यहां पर न तो इसकी मरम्मत करता है और न ही रंग-रोगन करता है। पर्यटन विभाग का एक ही कहना है कि उन्हें पुरातत्व विभाग कुछ नहीं करने देता।

पुरातत्व विभाग का कहना है कि जब आय पर्यटन विभाग ले रहा है तो देख-रेख करने के लिए बजट पर्यटन विभाग को उनके पास जमा कराना चाहिए। बजट मिलने के बाद वह इसे पूरी तरह से तैयार करा देंगे।






महल का दौरा करके इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके पर्यटन विभाग के निदेशक को उपायुक्त के माध्यम से भेजी जाएगी। यह हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। जब यहां पर पर्यटन विभाग का होटल चल रहा है और इसकी देख-रेख भी करनी चाहिए।
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मयंक भारद्वाज, एसडीएम


मैं महल के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण लेकर सरकार के स्तर पर बातचीत करुंगा। महल की देख-रेख करने के लिए ही पर्यटन विभाग का होटल खुलवाया गया है। इसका सुंदरीकरण अवश्य कराया जाएगा।
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मूलचंद शर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक
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