LHC0088 • 2025-12-18 12:06:17 • views 577
गुजरात हाई कोर्ट
राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। गुजरात वक्फ बोर्ड को अब हाई कोर्ट में कोर्ट फीस की माफी नहीं मिलेगी। हिंदू ट्रस्ट व संस्थाओं की तरह मस्जिद, दरगाह व वक्फ को न्यायालयों में कोर्ट फीस भरनी पड़ेगी।
उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने हाई कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि कानून के समक्ष सब समान हैं। राज्य सरकार के वक्फ ट्रिब्यूनल ने वक्फ संपत्तियों की सुनवाई करते हुए वक्फ बोर्ड को कोर्ट फीस भरने का आदेश दिया था। इस निर्णय को वक्फ बोर्ड ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
अभी तक नहीं वक्फ को नहीं भरनी पड़ती थी फीस
सरकारी वकील ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य सभी नागरिक व संस्थाओं को समान बनाना है। अभी तक हिंदू मंदिरों व संस्थाओं को कोर्ट फीस भरनी होती थी लेकिन कानून के चलते वक्फ को किसी तरह की कोर्ट फीस नहीं भरनी पड़ती थी।
वक्फ को भी भरनी होगी अन्य धर्म की संस्थाओं की तरह फीस
राज्य सरकार का कहना था कि किसी भी संस्था व ट्रस्ट को विशेष छूट नहीं दी जानी चाहिए। वक्फ बोर्ड की करीब डेढ़ सौ संपत्तियों के मामलों की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि कोर्ट फीस से माफी नहीं दी जा सकती। अन्य धर्म की संस्थाओं व ट्रस्ट की तरह अब वक्फ को भी कोर्ट फीस भरनी होगी।
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