search

ट्रंप की प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की नीति का कितना होगा असर, भारत के साथ व्यापार पर के अलावा क्या बदलेगा?

cy520520 2025-12-18 19:51:59 views 621
  

डोनल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति। (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अपने फैसलों को लेकर कापी समय से सुर्खियों में बने हुए हैं। इस बीच उन्होंने फिर एक अहम फैसला लिया है। ट्रंप ने बुधवार को प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतों में भारी कटौती की घोषणा की। माना जा रहा है कि ट्रंप के इस फैसले से भारतीय दवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना है। इस मामले पर विशेषज्ञों ने अपनी अलग-अलग राय रखी है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

दरअसल, अपनी \“मोस्ट फेवर्ड नेशन\“ (एमएफएन) नीति के तहत ट्रंप प्रशासन अमेरिका में दवाओं की कीमतों को अन्य किसी भी विकसित देशों में दी जाने वाली सबसे कम कीमतों के बराबर लाने की दिशा में काम कर रहा है।
ट्रंप की नई नीति से इन लोगों को बड़ी राहत

माना जा रहा है कि नई नीति से अमेरिका में मरीजों को सस्ती दवाएं मिल सकेंगी। हालांकि, इससे वैश्विक दवा बाजार में भी बड़े बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
राष्ट्र के नाम संबोधन में ट्रंप ने क्या कहा?

गौरतलब है स्थानीय समयानुसार बुधवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके प्रशासन ने दवा कंपनियों और विदेशी सरकारों से सीधी बातचीत की है। उन्होंने दावा कि टैरिफ की धमकी का इस्तेमाल करके दवाओं की कीमतों में 400 से 600 प्रतिशत तक की कटौती हासिल की गई है।

ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि करार दिया है और कहा कि दवाओं की कीमतें अब इतनी कम होंगी, जितना पहले किसी ने सोचा न होगा। बताया जा रहा है कि इस नीति का पहला चरण जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है।

अपने संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य बीमा कंपनियों की भी जमकर आलोचना की और कहा कि कम कीमतों से अमेरिकी परिवारों को हेल्थकेयर लागत में बड़ी बचत होने की संभावना है।
भारतीय दवा व्यापार पर कितना असर?

उल्लेखनीय है कि ट्रंप के इस फैसले से भारतीय फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री पर भी असर देखने को मिल सकता है। भारत अमेरिका को जेनेरिक दवाओं का सप्लायर है और अमेरिकी हेल्थकेयर सप्लाई चेन का अहम हिस्सा है। भारतीय कंपनियां अमेरिका में ऑफ-पेटेंट (जेनेरिक) दवाओं का बड़ा हिस्सा सप्लाई करती हैं।

जानकारों का मानना है कि ट्रंप की ये नीति मुख्य रूप से ब्रांडेड दवाओं पर फोकस कर रही है, लेकिन अगर यह जेनेरिक पर भी लागू हुई, तो कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।  

यह भी पढ़ें- अमेरिका के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क CNN का क्या होगा भविष्य? ट्रंप के प्रेशर से खड़ा हुआ सवाल

यह भी पढ़ें- एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई... अब क्या करेंगे मुनीर? गाजा में सेना भेजने का दबाव डाल रहे ट्रंप
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
153737