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2026 से बदलेगा टोल सिस्टम, कैमरे-सैटेलाइट और AI से होगी वसूली; 80 की स्पीड से पार होगी गाड़ियां

Chikheang 2025-12-18 23:08:00 views 1247
  

2026 से बदलेगा टोल सिस्टम कैमरे, सैटेलाइट और AI से होगी वसूली



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप हाईवे पर गाड़ी तेज चलाने के आदी हैं, तो अब संभल जाइए। केंद्र सरकार ऐसा टोल सिस्टम लाने जा रही है, जिसमें न टोल प्लाजा पर रुकना होगा और न ही चालान से बचना आसान होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, 2026 से देश में सैटेलाइट आधारित टोल वसूली सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसमें गाड़ियां 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टोल पार कर सकेंगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

नितिन गडकरी ने संसद में बताया कि 2026 तक सभी कारें टोल प्लाजा से बिना रुके 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से निकल सकेंगी। इसके लिए हाई-स्पीड कैमरे लगाए जाएंगे, जो गाड़ी की नंबर प्लेट और FASTagकी फोटो लेंगे। इसके बाद टोल की रकम सीधे उस बैंक खाते से कट जाएगी, जो वाहन से जुड़ा होगा। यानी न कैश, न रुकावट और न ही लंबी लाइनें।
तेज रफ्तार पर कैसे लगेगा चालान?

इस नए सिस्टम में स्पीड पर भी नजर रखी जाएगी। अगर कोई गाड़ी दो टोल प्लाजा के बीच सामान्य समय से बहुत जल्दी पहुंचती है, तो सिस्टम समझ जाएगा कि गाड़ी तेज चलाई गई है। ऐसे मामलों में अपने आप चालान कट जाएगा। गडकरी ने बताया कि यह पूरी व्यवस्था सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से काम करेगी।

टोल प्लाजा पर गाड़ियों को न रोकने से ईंधन की बचत होगी। सरकार के मुताबिक, इससे करीब 1500 करोड़ रुपये का ईंधन बचेगा। इसके अलावा सरकार के \“रेनी डे फंड\“ यानी आपात कोष में लगभग 6000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी। साथ ही, टोल प्लाजा पर कर्मचारियों की जरूरत कम होगी, जिससे संचालन लागत भी घटेगी।
सड़कों की गुणवत्ता पर सरकार का रुख

नितिन गडकरी ने साफ किया कि केंद्र सरकार सिर्फ राष्ट्रीय राजमार्गों की जिम्मेदार है न कि राज्य, शहर या ग्रामीण सड़कों की। उन्होंने कहा कि 70 फीसदी शिकायतें ऐसी सड़कों से जुड़ी होती हैं, जिनका केंद्र से कोई संबंध नहीं होता।राष्ट्रीय राजमार्गों पर खराब काम करने वाले ठेकेदारों को अब दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कानून के तहत सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
टोल सिस्टम में कौन-सी तकनीक इस्तेमाल होगी

  • नया टोल सिस्टम पूरी तरह ऑटोमैटिक होगा।
  • इसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) होगा।
  • FASTagआधारित RFID तकनीक होगा।
  • AI एनालिटिक्स और सैटेलाइट डेटा शामिल होगा।


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