शराब घोटाला मामले में एसीबी ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व आयुक्त फैज अक अहमद का कोर्ट में बयान दर्ज कराया है।
राज्य ब्यूरो, रांची। शराब घोटाला मामले में एसीबी ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व आयुक्त फैज अक अहमद का कोर्ट में बीएनएसएस की धारा 183 के तहत बयान दर्ज कराया है। मजिस्ट्रेट के समक्ष उनका बयान दर्ज हुआ, जिसे सील बंद लिफाफे में एसीबी कोर्ट को सौंप दिया गया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
फैज अक अहमद उत्पाद विभाग के तीसरे पूर्व आयुक्त है जिनका शराब घोटाले में कोर्ट में बयान दर्ज हुआ है। इससे पहले अमित कुमार और कर्ण सत्यार्थी भी अपना बयान दर्ज करा चुके हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फैज अक अहमद ने अपने बयान में बताया है कि फर्जी बैंक गारंटी देने वाले दोनों प्लेसमेंट एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई तत्कालीन विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे की वजह से नहीं हुई।
उन्होंने ही कार्रवाई नहीं करने की बात कही थी। दो प्लेसमेंट एजेंसियों विजन हास्पिटेलिटी व मार्शन इनोवेटिव ने उत्पाद विभाग में फर्जी बैंक गारंटी जमा कर मैन पावर सप्लाई करने का ठेका लिया था। जिसकी जानकारी कुछ समय बाद हो गई थी। लेकिन तत्कालीन विभागीय सचिव विनय चौबे की वजह से किसी भी आयुक्त ने उनपर कार्रवाई नहीं की।
कार्रवाई नहीं करने को लेकर एसीबी फैज अक अहमद से कर चुका है पूछताछ
शराब घोटाला मामले में फर्जी बैंक गारंटी देने वाली कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने के मामले में एसीबी ने फैज अक अहमद से पहले पूछताछ कर चुकी है। फैज अक अहमद पूर्व में हुए पूछताछ में यह जानकारी दे चुके है कि किन वजहों से उन प्लेंसमेंट एजेंसियों पर कार्रवाई नहीं हुई।
पहले भी वे तत्कालीन विभागीय सचिव विनय चौबे के बारे में जानकारी दे चुके है कि विभाग में वे जो चाहते थे, वहीं होता था। कोई अन्य अधिकारी बिना उनकी अनुमति के कुछ भी निर्णय नहीं ले सकता था। अब फैज अक अहमद के कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद विनय चौबे की मुश्किलें और भी बढ़ने वाली है। दो और पूर्व आयुक्त का कोर्ट में बयान हो चुका है। दोनों ने भी कोर्ट में यहीं बात अपने बयान में कही है कि जो विनय चौबे ने आदेश दिया, उन लोगो ने वहीं किया। |
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