deltin33 • 2025-12-20 03:07:53 • views 840
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। होटल संचालक के बेटे की हत्या के मामले एडीजे-3 संजय कुमार यादव प्रथम की अदालत ने तिहाड़ जेल में बंद अपराधी अंबर जाफरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 80 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। 75 प्रतिशत धनराशि वादी को देने के लिए कहा है। तिहाड़ जेल से पुलिस उसे कोर्ट लेकर आई थी। सजा होने के बाद वापस ले गई। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार, क्वार्सी क्षेत्र में यह सनसनी खेज घटना 18 अगस्त 2016 की शाम को हुई थी। केला नगर चौराहे पर घर के पास बीबीए के छात्र आदिल खान की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी, जबकि आदिल के पिता जमील के पार्टनर इलियास चौधरी के साले फहीम चौधरी पर चाकू व कृपाण से हमला किया। घायल होकर दोनों जमीन पर गिर गए। जिन्हें आरोपित मरा समझकर बाइकों से हथियार लहराते हुए फरार हो गए।
कमालपुर के कई बार रह चुके हैं प्रधान
एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार उस समय आदिल के एक चाचा सगीर अहमद सपा के जिला उपाध्यक्ष थे, जबकि दूसरे चाचा जहीर अहमद गांव कमालपुर के कई बार के प्रधान रह चुके थे। घटना के विरोध में लोगों ने बवाल किया था। तोड़फोड़ व मारपीट कर दी थी। भगदड़व अफरा-तफरी के बीच लोग दुकानें बंद करके भाग गए थे। आदिल के पिता जमील अहमद ने युवा गुटों के आपसी विवाद में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया।
इसमें मुनीर के शूटर एएमयू के पूर्व छात्र समीर ककराला बदायूं, ऊपरकोट के ईशान, जंगलगढ़ी बाइपास के एहतशाम और जीवनगढ़ निवासी अंबर जाफरी को नामजद किया गया। न्यायालय में सत्र परीक्षण के समय अंबर जाफरी फरार हो गया। बाकी तीन आरोपित एहतशाम, समीर, ईशान को 23 जुलाई 2019 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। फरार अंबर पर इनाम भी घोषित हुआ। दिल्ली पुलिस ने उसे लूट के किसी मुकदमे में गिरफ्तार किया था।
इसके बाद से वह तिहाड़ जेल में है। एडीजीसी के अनुसार कुछ दिन पहले उसे यहां लाकर पेश किया गया। अंबर के फरार होने के बाद उसकी पत्रावली अलग कर दी गई थी। सजा में घटना का चश्मदीद साक्षी घायल फईम की गवाही महत्वपूर्ण साबित हुई। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अंबर को दोषी करार दिया। अंबर की कोर्ट में पेशी के दौरान दीवानी परिसर में कड़ी सुरक्षा रही। स्थानीय पुलिस भी अलर्ट रही। उसे कड़ी सुरक्षा में तिहाड़ जेल से लगाया गया। |
|