संदीप जुनेजा, किच्छा। नया साल स्वास्थ्य सुविधा के लिए अच्छी खबर लेकर आ रहा है। सबकुछ सही रहा तो वर्ष-2026 में मई तक कुमाऊं को सेटेलाइट एम्स का तोहफा मिल जाएगा। खुरपिया में 100 एकड़ भूमि पर 250 बेड के सेटेलाइट एम्स का काम निर्धारित समय पर पूरा हो जाए, इसके लिए तेजी से काम चल रहा है। इसके बनने से कुमाऊं ही नहीं, बल्कि पड़ोसी उप्र की सीमावर्ती जिलों के लोगों के लिए भी यह वरदान साबित होगा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में किच्छा में सेटेलाइट एम्स की घोषणा की थी। इसके निर्माण के लिए पहले प्राग फार्म में भूमि का प्रस्ताव भेजा था, परंतु प्राग फार्म में रेलवे लाइन का पेंच फंसने के बाद नए सिरे से भूमि की प्रक्रिया शुरू हुई, तो खुरपिया में सौ एकड़ भूमि को चिह्नित करने के बाद सेटेलाइट एम्स का ड्राफ्ट कागजों पर उतारा गया। अक्टूबर 2023 में इस भूमि पर 496 करोड़ के सेटेलाइट एम्स के प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया।
प्रथम चरण के लिए 335 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। सेटेलाइट एम्स का भवन उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार सौ वर्ष की आयु के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जिसके चलते 7.5 रिएक्टर स्केल का भूकंप भी सेटेलाइट एम्स के भवन का बाल भी बांका नहीं कर पाएगा। इसके लिए आधुनिक तकनीक के तहत 3500 टन स्टील से प्री-इंजीनियर्ड कंपोजिट तकनीक के अनुसार कार्य किया जा रहा है। सेटेलाइट एम्स का कार्य समय से पूरा हो, इसके लिए लगातार मानिटरिंग की जा रही है। मई 2026 तक निर्माण कार्य पूरा करने की समय सीमा कार्यदायी संस्था नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को दी गई है।
सेटेलाइट एम्स में जनता को मिलने वाली प्रस्तावित सुविधाएं
सेटेलाइट एम्स में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं जनता को मिलने जा रही है। प्रस्तावित सुविधाओं में कार्डियोलाजी, नेफ्रोलाजी, यूरालाजी, न्यूरोलाजी, नियोनेटोलाजी, बर्न व प्लास्टिक सर्जरी, मेडिकल गेस्ट्रोएंटरोलाजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, ट्रामा एवं इमरजेंसी, क्रिटिकल केयर और आईसीयू, कार्डियो थोरेसिक वैस्कूलर सर्जरी सीटीवीएस शामिल है। इन सेवाओं के लिए 10 आपरेशन थिएटर, चार डिलीवरी रूम वाला लेबर कांप्लेक्स तैयार किया जा रहा है। कुल 48 ओपीडी कक्ष तैयार किए जा रहे है। सेटेलाइट एम्स में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, ईसीजी, रेडियोलाजी, एंडोस्कोपी की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
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सुरक्षा का भी रखा गया पूरा ध्यान
सेटेलाइट एम्स में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आने वालों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। भवन में कुल दस लिफ्ट के साथ ही चारों कोनों में सीढ़ी भी बनाई गई है। किसी तरह की विषम परिस्थितियों में या हादसे के दौरान नीचे उतरना आसान होगा और किसी तरह की जनहानि का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही पांच मुख्य प्रवेश द्वार रहेंगे, जिसमें तीन बरेली बाईपास की तरफ से व एक-एक हल्द्वानी व खुरपिया गांव की तरफ से रखा गया है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए रोपे जाएंगे तीस हजार पौधे
सेटेलाइट एम्स में भर्ती रोगियों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आबो हवा को भी सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 32 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में 30 हजार पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही रोगियों के सहयोगियों के लिए हास्टल की भी व्यवस्था की जा रही है।
सेटेलाइट एम्स का कार्य तेजी पर है। नए साल में यह कुमाऊं के लिए बड़ा तोहफा होगा। -दिवेश शाशनी, मुख्य विकास अधिकारी ऊधम सिंह नगर।
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