जागरण संवाददाता, जालौन। गोरखपुर, बनारस, लखनऊ की ओर हो रहे कोहरे ने रेल यात्रियों की दिक्कत बढ़ा दी है। ट्रेनें सात घंटे से भी अधिक की देरी से चल रही हैं। इससे आरक्षण कराने वाले यात्रियों के लिए इंतजार करना मुश्किल हो रहा है। कई यात्रियों को सर्द रातें स्टेशन पर ही गुजारनी पड़ रही हैं। प्लेटफार्म पर सर्दी से बचाव का कोई इंतजाम नहीं है। बुधवार को एक ट्रेन निरस्त रही जबकि दो परिवर्तित मार्ग से चलीं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
झांसी रेलवे स्टेशन पर ट्रैक मरम्मत की वजह से बुधवार को बरौनी ग्वालियर ट्रेन संख्या 11124 छपरा मेल निरस्त रही। ग्वालियर से बरौनी जाने वाली छपरा मेल और उधना से सूबेदारगंज जाने वाली स्पेशल ट्रेन संख्या 04156 बदले मार्ग से अपने गंतव्य तक पहुंची।
इसके अलावा बनारस से इंदौर जाने वाली महाकाल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय रात के सवा दस बजे की बजाय सुबह करीब पौने छह बजे साढ़े सात घंटे की देरी से आई। आजमगढ़ से मुंबई जाने वाली संत कबीर नगर एक्सप्रेस पौने दो घंटे की देरी से आई। पुणे से लखनऊ जाने वाली ट्रेन संख्या 11407 सवा दो घंटे की देरी से आने की संभावना है।
इंदौर से बनारस जाने वाली ट्रेन संख्या 20414 अपने निर्धारित समय से सवा आठ घंटे की देरी से आने की संभावना है। छपरा से मुंबई जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस डेढ़ घंटे की देरी से आई। पनवेल से गोरखपुर जाने वाली पनवेल एक्सप्रेस एक घंटे देरी से आई। कुशीनगर एक्सप्रेस ढाई घंटे की देरी से पहुंची।
बनारस से अहमदाबाद जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस पौने तीन घंटे की देरी से आई। सीतापुर से मुंबई जाने वाली ट्रेन संख्या 12108 तीन घंटे की देरी से आई। ट्रेनों के देरी से आने के कारण यात्री परेशान हैं। खासतौर से आरक्षित टिकट पर यात्रा करने वालों की दिक्कत बढ़ गई है।
यात्रियों सुकेश, राहुल ने कहा कि पहले से टिकट आरक्षित करा लिया। अब उसी ट्रेन से जाना पड़ेगा। ऐसे में इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि झांसी में ट्रैक मरम्मत का काम अंतिम चरण में है। काम समाप्त होते ही यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। कोहरे को देखते हुए सभी ट्रेनों में फाग डिवाइस लगाई गई है। |