search

इंदौर भागीरथपुरा दूषित जल त्रासदी... रहवासियों की चेतावनी अनसुनी, नर्मदा लाइन के ऊपर बिछा दी ड्रेनेज, अब उजागर निगम की लापरवाही

deltin33 Half hour(s) ago views 970
  

भागीरथपुरा चौकी के नजदीक नर्मदा लाइन का कार्य करते हुए निगम कर्मी।



डिजिटल डेस्क, इंदौर। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई गंभीर घटना के बाद अब नगर निगम हरकत में आया है। पिछले दो दिनों से निगम की टीमें गलियों में नर्मदा जल लाइन के लीकेज की जांच कर रही हैं। इसी दौरान निगम की लापरवाही और तथाकथित इंजीनियरिंग व्यवस्था की चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

जांच में पाया गया कि क्षेत्र की अधिकांश गलियों में नर्मदा जल सप्लाई लाइन के ठीक ऊपर ड्रेनेज लाइन बिछाई गई है। यही नहीं, ड्रेनेज के चैंबर भी जल लाइन के ऊपर ही बनाए गए हैं, जिससे सीवरेज और पेयजल के मिलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया।
नवंबर 2024 से जुड़ी है विवाद की जड़

इस पूरे मामले की जड़ नवंबर 2024 में डाली गई ड्रेनेज योजना से जुड़ी है। उस समय रहवासियों ने स्पष्ट रूप से मांग की थी कि ड्रेनेज लाइन घरों के पीछे मौजूद बैकलेन से बिछाई जाए, जहां पर्याप्त जगह उपलब्ध है। लेकिन क्षेत्र के भाजपा पार्षद कमल वाघेला ने इस प्रस्ताव का विरोध कर दिया।

पार्षद व रहवासी आमने-सामने आ गए और विवाद इतना बढ़ा कि पार्षद धरने पर बैठ गए। अंततः निगम ने विवाद से बचने के लिए ड्रेनेज लाइन का काम ही रोक दिया, जिसका खामियाजा अब पूरे इलाके को भुगतना पड़ रहा है।
छह महीने से शिकायतें, लेकिन सुनवाई नहीं

क्षेत्र के रहवासी पार्षद के रवैये को लेकर बेहद नाराज हैं। उनका आरोप है कि बीते छह महीनों से वे गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। भागीरथपुरा टंकी पर निगमकर्मी की जगह पार्षद के कार्यकर्ता बैठते थे, जो शिकायत तो दर्ज करते थे, लेकिन जोनल कार्यालय के कर्मचारी शिकायत मिलने से ही इन्कार कर रहे हैं।

रहवासी पुरुषोत्तम यादव का कहना है कि वे कई बार समस्या लेकर पार्षद के घर गए, लेकिन कभी गंभीरता से नहीं सुना गया। अब दूषित पानी से सैकड़ों लोगों के बीमार होने की घटना के बाद निगम और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें- इंदौर दूषित पानी कांड: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मीडिया पर भड़के, वीडियो वायरल होने के बाद मांगी माफी
पार्षद कमल वाघेला से दैनिक जागरण के सहयोगी प्रकाशन नईदुनिया की सीधी बात

नर्मदा और ड्रेनेज लाइन गड़बड़ी क्यों है?

पूरे क्षेत्र में नर्मदा के ऊपर ड्रेनेज लाइन निकली है। इसे व्यवस्थित किया जा रहा है। अभी तक 40 फीसद इलाके में नई लाइन बिछाई गई है। कुछ गलियों में आज भी सीमेंट की लाइन डाली हुई है।

आपके करीबियों को लाइन बिछाने के ठेके दिए क्या?

शक्ति चंदेरिया और महेश बिंजवाल ने महज दस फीसद से ज्यादा काम नहीं किया है। वैसे लाइन बदलने के लिए चार ठेकेदारों को काम सौंपा गया है।

पानी में बदबू आने की शिकायत की थी जनता ने?

पूरे क्षेत्र में नर्मदा और ड्रेनेज लाइन की जांच हुई है। अभी तक लीकेज नहीं मिला है। यह जरूर है कि लोगों ने कुछ दिन पहले पानी से बदबू आने के बारे में बताया था। इसके बारे में महापौर, निगमायुक्त और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भी बताई है।

दूषित पानी नर्मदा लाइन में मिल गया

गंदे पानी और पीने के पानी की लाइनें एक-दूसरे के बेहद करीब होने के कारण दूषित पानी नर्मदा लाइन में मिल गया है। मंगलवार को नर्मदा परियोजना के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव ने गली नंबर 2 में बने गलत चैंबर पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद बुधवार को निगम की टीम मौके पर पहुंची और तीन से चार चैंबर तोड़े गए, जो नर्मदा लाइन के ऊपर बने थे। ड्रेनेज और नर्मदा लाइन को अलग-अलग किया गया और कुछ चैंबरों के स्थान भी बदले गए।

चैंबर तोड़ने में निगमकर्मियों को काफी परेशानी हुई, क्योंकि पहले उन्हें चैंबर पूरी तरह खाली करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि ड्रेनेज और नर्मदा लाइन को बेहद अस्त-व्यस्त तरीके से बिछाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि निचले स्तर के अधिकारी और ठेकेदार मनमानी कर रहे थे और किसी ने निगरानी नहीं की।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1410K

Threads

0

Posts

4310K

Credits

administrator

Credits
430835

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com