वन्यजीवों के हमले में घायलों के उपचार में 15 लाख तक का खर्च वहन करेगी सरकार
केदार दत्त, जागरण देहरादून। उत्तराखंड में वन्यजीवों के हमले में घायल व्यक्तियों के उपचार में 15 लाख रुपये तक का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इसमें पांच लाख रुपये तक का उपचार अटल आयुष्मान कार्ड से होगा, जबकि शेष 10 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद सरकार करेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में इससे संबंधित प्रस्ताव पर वित्त विभाग से राय ली गई है और शीघ्र ही इसका शासनादेश जारी होगा। यद्यपि, इस बीच शासन ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि कहीं कोई ऐसी स्थिति आती है तो घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
राज्य का शायद ही कोई क्षेत्र ऐसा होगा, जहां वन्यजीवों का खौफ तारी न हो। गुलदार, बाघ, भालू, हाथी जैसे वन्यजीवों के निरंतर बढ़ते हमलों ने चिंता और चुनौती दोनों बढ़ा दी हैं। यद्यपि, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के दृष्टिगत तमाम कदम उठाए गए हैं, लेकिन वन्यजीवों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। कुछ समय पहले सरकार ने वन्यजीवों के हमले में मृत्यु पर मुआवजा राशि को छह लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया है।
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अभी तक घायलों को मुआवजा राशि का ही प्रविधान
वन्यजीवों के हमले में घायल व्यक्तियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण निधि के तहत विभिन्न श्रेणियों में 15 हजार से तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। लेकिन, नियमावली में उपचार का अलग से प्रविधान नहीं है। हालांकि, घायलों काे सरकारी अस्पतालों में उपचार मुहैया कराया जाता है।
हाल में ही मुख्यमंत्री ने वन्यजीवों के हमले में घायल व्यक्तियों के उपचार में 10 लाख रुपये तक का खर्च सरकार की ओर से वहन करने की घोषणा की थी। अब इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। सरकार के निर्णय के अनुरूप वन विभाग की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
वन्यजीवों से घायल व्यक्तियों के उपचार में अटल आयुष्मान के अतिरिक्त 10 लाख रुपये का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन करने संबंधी प्रस्ताव राय के वित्त विभाग को भेजा गया है। जल्द ही इस संबंध में शासनादेश जारी होगा। साथ ही सभी डीएम को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए गए हैं।
आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव वन |