प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, मऊ। फर्जी कंपनी बनाकर पांच वर्ष में दोगुनी धनराशि वापस करने का लालच देकर जमा 30 लाख रुपये हड़पने के मामले में कोर्ट के आदेश पर चार नामजद और पांच अज्ञात के खिलाफ सरायलखंसी पुलिस ने केस दर्ज किया है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के डुमरांव गांव निवासी कौशल कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि शहर कोतवाली के पुरानी तहसील के पास स्वर्ण प्रभा निधि लिमिटेड कंपनी का हेड ऑफिस खोला गया। इसके बाद गांव में आकर चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के नूरपुर निवासी जितेंद्र कुमार ने अपने को कंपनी का एमडी व सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बहरीपुर निवासी धर्मेद्र पटेल, सरयां रद्युनाथपुर निवासी विरेंद्र सिंह व शहर कोतवाली क्षेत्र के राजेंद्र सिंह ने अपने को कंपनी का डायरेक्टर बताया।
सभी लोगों ने ग्रामीणों को अपने झांसे में लेकर कंपनी की मान्यता होने और लखनऊ व दिल्ली सहित मऊ और अन्य जनपदों में ब्रांच होने और फिक्स डिपॉजिट और आरडी के माध्यम से धनराशि जमा करने पर पांच वर्ष में ब्याज सहित दोगुने रुपये वापस करने की बात कही।
इस झांसे में आकर कौशल कुमार पांडेय ने छह लाख रुपये आरडी और फिक्स डिपाजिट के रूप में जमा किया। साथ ही धनंजय पटेल ने 4.50 लाख, शिमला देवी व साेनू सिंह 92 हजार, सक्षम सिंह 1.13 लाख, सिंपल सिंह 29 हजार, नागेंद्र वर्मा 1.61 लाख, धर्मावती देवी 24 हजार, माेनू 1.97 लाख, सोन कुमार 56 हजार 200, मधुमती देवी 1.08 लाख, अजीत चौरसिया 1.54 लाख, सत्यनारायण 72 हजार, आनंद चौरसिया 1.08 लाख, गीता देवी 2.84 लाख, चंदन पटेल 4.42 लाख व मनीष पटेल से 90 हजार रुपये कुल 17 ग्रामीणों को 30 लाख 72 हजार रुपये कंपनी में एफडी, आरडी और नकद के तौर पर जमा किया।
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ग्रामीणों द्वारा राशि की मांग करने पर दो माह बाद देने की बात कही। इसके बाद 25 जुलाई 2025 को ग्रामीणों ने धनराशि की मांग की तो कंपनी के लोगों ने गाली देकर भगा दिया। इस मामले की शिकायत कोर्ट में की गई। इसपर कोर्ट की तरफ से चार नामजद और पांच अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच का आदेश दिया गया। |