जीरो शुगर ड्रिंक्स के पीछे का कड़वा सच जान लेंगे तो पीना छोड़ देंगे आप (Image Source: AI-Generated)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल वजन कम करने वाले या डायबिटीज से बचने वाले लोग अक्सर नॉर्मल कोल्ड ड्रिंक्स की जगह “डाइट“ या “जीरो शुगर“ ड्रिंक्स पीना पसंद करते हैं। हमें लगता है कि चीनी नहीं है, तो नुकसान भी नहीं होगा, लेकिन क्या यह वाकई सच है? आइए, डॉ. दिमित्री यारनोव से इस बारे में समझते हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
(Image Source: AI-Generated)
\“जीरो शुगर\“ या बड़ा धोखा?
हार्ट ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट और एडवांस हार्ट फेलियर के विशेषज्ञ डॉ. दिमित्री यारनोव ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में एक गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि आपके फ्रिज में रखा “जीरो शुगर“ का डिब्बा अक्सर सबसे बड़ा झूठ होता है।
डॉ. दिमित्री बताते हैं कि हमें यह विश्वास दिलाया गया है कि अगर आप वजन या ब्लड शुगर पर नजर रख रहे हैं, तो डाइट सोडा एक बेहतर ऑप्शन है, लेकिन नया डेटा बताता है कि यह सोच पूरी तरह गलत हो सकती है। View this post on Instagram
A post shared by Dmitry Yaranov, MD | Cardiologist 🫀 (@heart_transplant_doc)
असली चीनी से भी ज्यादा खतरनाक?
डॉ. यारनोव ने एक स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि जो लोग रोजाना डाइट या जीरो-शुगर ड्रिंक्स पीते हैं, उनमें लिवर की बीमारी का खतरा उन लोगों की तुलना में ज्यादा पाया गया, जो चीनी वाली ड्रिंक्स पीते हैं।
जी हां, आपने सही पढ़ा! डॉ. दिमित्री के अनुसार, “आर्टिफिशियल स्वीटनर असली चीनी से ज्यादा नुकसान पहुंचाता दिख रहा है।“
अध्ययन के चौंकाने वाले आंकड़े:
- जीरो शुगर ड्रिंक्स: डॉ. यारनोव बताते हैं कि डाइट ड्रिंक्स पीने से मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) का खतरा लगभग 60% तक बढ़ जाता है।
- चीनी वाली ड्रिंक्स: इसकी तुलना में, चीनी वाली ड्रिंक्स से यह खतरा लगभग 50% था। हालांकि यह भी अनहेल्दी है, लेकिन डाइट ड्रिंक्स का जोखिम इससे भी ज्यादा है।
शरीर को कैसे पहुंचता है नुकसान?
- डॉ. यारनोव समझाते हैं कि आर्टिफिशियल स्वीटनर्स हमारे शरीर में बहुत ही गंभीर तरीके से गड़बड़ी करते हैं।
- ये स्वीटनर्स हमारे मेटाबॉलिज्म को बदल देते हैं।
- ये इस प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं कि हमारा लिवर फैट को कैसे प्रोसेस करता है।
क्या है सुरक्षित विकल्प?
डॉ. दिमित्री यारनोव कहते हैं कि “जीरो शुगर“ का मतलब “जीरो असर“ नहीं होता। हमारा लिवर असली और नकली चीनी में फर्क कर सकता है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि पानी अब भी सबसे सुरक्षित विकल्प है। इसलिए अगली बार जब आप “जीरो गिल्ट“ वाला डाइट सोडा उठाएं, तो याद रखें कि \“आर्टिफिशियल\“ होने का मतलब हमेशा \“हार्मलेस\“ होना नहीं होता।
यह भी पढ़ें- No Sugar Diet फॉलो करना हो रहा है मुश्किल, तो बस इस समय खाना छोड़ दें चीनी, हैरान कर देंगे बदलाव
यह भी पढ़ें- क्या होगा अगर 30 दिनों तक नहीं खाएंगे चीनी? शरीर को होंगे 5 बड़े फायदे; वजन भी होगा तेजी से कम |