फोरलेन निर्माण से फौजी का घर जर्जर
जागरण संवाददाता, मंडी। पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन निर्माण से एक फौजी का घर जर्जर हो गया है। आरोप है कि अनियंत्रित कटिंग के कारण मकान की नींव धंस गई और रास्ता कट गया, जिससे परिवार को चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
दो मंजिला मकान हुआ जर्जर
द्रंग क्षेत्र के टांडू पंचायत के मेहर गांव में भारतीय सेना के रिटायर्ड फौजी तिलक राज, जिनका बेटा भी वर्तमान में सरहद पर देश की सेवा कर रहा है, आज अपने ही आशियाने को बचाने के लिए सरकारी तंत्र के सामने बेबस खड़े हैं। उनका कहना है कि फोरलेन निर्माण के दौरान कार्य कर रही कंपनी की ओर से की गई अनियंत्रित कटिंग ने उनके दो मंजिला मकान को जर्जर कर दिया है।
घर पहुंचने के लिए लंबा सफर
मकान की नींव के नीचे से जमीन धंस चुकी है, जिससे पूरा ढांचा कभी भी धराशायी हो सकता है। घर का आंगन और सीढियां अब हवा में लटक रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि मुख्य मार्ग से घर पहुंचने का रास्ता पूरी तरह कट चुका है, जिसके कारण परिवार को चार किलोमीटर का अतिरिक्त पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।
फौजी परिवार हो रहा परेशान
तिलक राज ने बताया कि उन्होंने एनएचएआई, जिला उपायुक्त और एसडीएम को कई बार पत्र लिखा, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। उन्होंने नम आंखों से कहा की सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने हाल ही में मंडी में कहा था कि सैनिकों के परिवारों को घर बैठे न्याय मिलेगा, लेकिन हमें न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
सरकार से मुआवजे की मांग
उन्होंने मांग की है कि आगामी मानसून से पहले मकान के जमींदोज होने का खतरा देखकर या तो पूरे मकान का अधिग्रहण कर उचित मुआवजा दिया जाए, या घर के चारों ओर मजबूत सुरक्षा दीवार लगाई जाए। अगर समय रहते जिला प्रशासन और एनएचएआई ने संज्ञान नहीं लिया, तो एक फौजी की जीवनभर की पूंजी मलबे में तब्दील हो सकती है। |