बारसे देवा ने किया सरेंडर।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। माओवादी आंदोलन के सबसे हिंसक दल पीएलजीए-एक के प्रमुख बारसे देवा उर्फ सुक्का ने शनिवार को तेलंगाना में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
उसने अपने 21 साथियों के साथ मिलकर 48 हथियार सौंपे, जिनमें आधुनिक टावोर राइफल, कोल्ट आटोमैटिक राइफल, एके-47, इंसास और सेल्फ लोडिंग राइफल शामिल हैं। टावोर राइफल, जिसे बारसे देवा स्वयं रखता था। इजराइल द्वारा विकसित एक आधुनिक राइफल है।
माओवादियों तक कैसे पहुंचे ये हथियार?
पुलिस ने समर्पण के दौरान कोल्ट असटोमैटिक राइफल भी जब्त की, जो अमेरिका में निर्मित 5.56 मिमी नाटो कैलिबर का स्वत: आग्नेयास्त्र है। इसकी तेज फायर रेट और लंबी रेंज इसे भारी युद्ध इकाइयों के लिए उपयुक्त बनाती है। यह स्पष्ट नहीं है कि ये हथियार माओवादियों तक कैसे पहुंचे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि माओवादी इन्हें जवानों से मुठभेड़ों में लूटकर अपने पास लाए थे।
भारी मात्रा में बरामद किए जा चुके हैं हथियार
बारसे देवा के आत्मसमर्पण के साथ ही पुलिस ने माओवादी दस्ते से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। इस वर्ष बस्तर रेंज में मुठभेड़ों और मुख्यधारा में लौटे माओवादियों के सहयोग से अब तक 677 हथियार बरामद किए जा चुके हैं, जो किसी एक वर्ष में सबसे अधिक हैं। 2001 से अब तक माओवादियों ने छत्तीसगढ़ में 516 हथियार लूटे हैं।
यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में 14 माओवादी ढेर, 75 लाख के इनामी देवा का 21 साथियों के साथ समर्पण |
|