cy520520 • 2026-1-5 14:56:48 • views 1116
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। गेहूं के समर्थन मूल्य (एमएसपी) में सरकार की ओर से इस वर्ष 160 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। किसानों को फसल का बेहतर दाम मिलेगा। उत्पादन लागत कवर होगी और बाजार में भी उचित मूल्य मिलने की उम्मीद बढ़ेगी। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
रबी सीजन वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार ने एमएसपी को 2425 रुपये से बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। साथ ही जौ 2150 रुपये व चना 5875 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा।
अपर आयुक्त खाद्य ने 15 जनवरी तक क्रय केंद्रों का निर्धारण करने का निर्देश दिया है। विंध्याचल मंडल में गेहूं खरीद एक मार्च से आरंभ होगी, जो 15 जून तक चलेगा।
गेहूं बेचने को ऐसे कराएं पंजीयन या नवीनीकरण
संभागीय खाद्य नियंत्रक आरबी प्रसाद ने बताया कि किसान गेहूं विक्रय के लिए जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे अथवा स्वयं मोबाइल एप से खाद्य विभाग के पोर्टल एफसीएस.यूपी.जीओवी.इन पर ऑनलाइन पंजीयन अथवा नवीनीकरण करा सकते हैं। गेहूं की बिक्री के लिए ओटीपी आधारित पंजीकरण की व्यवस्था है। किसान वर्तमान मोबाइल नंबर ही दर्ज कराएं।
एसएमएस द्वारा भेजे गए ओटीपी को भरकर पंजीकरण प्रक्रिया पूरा कर सकते हैं। पंजीकरण प्रपत्र में नामिनी भी देना होगा। इससे किसान अथवा उनका नामिनी बिक्री कर सकता है। भुगतान आधार लिंक बैंक खाते में होगा।
बैंक खाते को आधार सीडेड और बैंक शाखा के द्वारा एनपीसीआई पोर्टल पर मैप्ड करा लें। गत खरीफ विपणन वर्ष में केंद्र पर धान बेच चुके किसानों को केवल नवीनीकरण कराना होगा।
गत वर्ष 7681 किसानों से 33903.45 टन गेहूं की खरीद
रबी विपणन वर्ष 2025-26 में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत विंध्याचल मंडल के 225 केंद्र सहित मोबाइल टीम के द्वारा 7681 किसानों से 33,903.45 टन गेहूं की खरीद की गई थी। इस वर्ष मोबाइल केंद्रों के माध्यम से किसानों के घर-घर जाकर 9723.24 टन गेहूं की खरीद की गई। वहीं वर्ष 2024-25 में 38,624.24 टन खरीद की गई थी।
संभागीय खाद्य नियंत्रक आरबी प्रसाद ने बताया कि मंडल के 225 केंद्रों पर 88,000 टन खरीद का लक्ष्य था। जनपद मीरजापुर में 111 केद्रों पर 36000 के सापेक्ष 4571 किसानों से 20,886.78 टन अर्थात 58.02 प्रतिशत खरीद हुई।
सोनभद्र में 77 केंद्रों पर 33,500 के सापेक्ष 1997 किसानों से 9779 टन अर्थात 29.19 प्रतिशत और भदोही में 37 केंद्रों पर 18,500 के सापेक्ष 1113 किसानों से 3237.67 टन अर्थात 17.50 प्रतिशत खरीद हुई। किसानों को 8289.39 लाख रुपये का भुगतान किया गया। |
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