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जागरण संवाददाता, उरई। शहर के मुहल्ला उमरारखेड़ा निवासी मेवलाल को 30 अगस्त 2024 को परिवार के ही एक व्यक्ति को जहर देकर मारने के मामले में सात साल की सजा सुनाई गई। इस पर उसे जेल भेज दिया गया। रविवार की रात को जिला कारागार में उसको हार्ट अटैक आ गया।
अटैक की सूचना के बाद जिला कारागार के सिपाही उसे इलाज के लिए मेडिकल कालेज ले गए जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दिवंगत के पुत्र ने बताया कि पिता एकदम स्वस्थ थे और जेल से पिता के मौत की सूचना मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मुहल्ला उमरारखेड़ा निवासी 58 वर्षीय मेवालाल पर 15 साल पहले परिवार की ही सुषमा देवी ने पति अखिलेश कुमार की जहर खाकर मौत हो जाने पर मुकदमा दर्ज कराया था। उसने आरोप लगाया था कि मेवालाल ने कुछ साथियों के साथ मिलकर उसके पति को कुछ खिला दिया है जिससे उसकी मौत हो गई।
इस मुकदमा में चार्जशीट होने के बाद 30 अगस्त 2024 को मेवालाल को एफटीसी (फास्ट ट्रैक कोर्ट) से सबूतों के आधार पर सात साल की सजा सुनाई थी। जबकि अन्य साथियों को निर्दोष करार दिया था।
मेवालाल तब से जेल में बंद था। रविवार की रात को हार्ट अटैक आने पर सिपाही उसे जिला अस्पताल ले गए जहां से मेडिकल कालेज रेफर किया वहां उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना के बाद पुत्र सुमित कुमार व पत्नी लक्ष्मी देवी को बुलाकर शव सुपुर्द करते हुए पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुत्र ने बताया कि पिता एकदम स्वस्थ थे और दो दिन पहले ही उनकी मुलाकात हुई थी। वह राज मिस्त्री थे।
रात के समय एक बंदी को हार्ट अटैक पड़ा था। जिसका नाम मेवालाल है और वह सजा याफ्ता था। इलाज के दौरान मेडिकल कालेज में उसकी मौत हो गई। जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
नीरज देव, जेल अधीक्षक |
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