स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां लगभग 30 लाइटें लगाई गई थीं जिनमें से कुछ ही काम कर रही हैं।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। तीन साल पहले खेनुसा से सांगरी टाप स्थित टूरिस्ट कैफेटेरिया तक 2 किलोमीटर के रास्ते पर लगाई गई सौर स्ट्रीट लाइटें ज्यादातर खराब हैं, जिससे यात्रियों को अंधेरे में इस जोखिम भरी और दुर्घटनाग्रस्त सड़क पर यात्रा करनी पड़ती है।
स्थानीय प्रशासन ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से वन क्षेत्र को रोशन करने और जंगली जानवरों के खतरे को कम करने के लिए ये लाइटें लगाई थीं जो इस क्षेत्र में हमेशा एक डर बना रहता है।
स्थानीय निवासी सज्जाद अहमद ने कहा, यात्रियों की सुविधा के लिए इन लाइटों को लगाने में लाखों रुपये खर्च किए गए।
सड़क खतरनाक है और रात में पूरा इलाका घोर अंधेरा रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग 30 बत्तियां लगाई गई थीं, लेकिन उनमें से कुछ ही काम कर रही हैं। उन्होंने प्रकाश व्यवस्था को बहाल करने के लिए तत्काल मरम्मत की मांग की है। |