search

ड्रोन पायलट प्रशिक्षण देगा पूसा विश्वविद्यालय, देश का पहला एग्री यूनिवर्सिटी बनने का दावा

deltin33 2026-1-5 17:56:49 views 783
  

शिक्षकों, वैज्ञानिकों और छात्रों के लिए मिलेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी प्रशिक्षण। जागरण  



संवाद सहयोगी, पूसा (समस्तीपुर)।डा. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा देश का पहला ऐसा विश्वविद्यालय बनने की दिशा में अग्रसर है, जहां छात्रों को ड्रोन पायलट का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह दावा विश्वविद्यालय के कुलपति डा. पीएस पांडेय ने किया।

वे विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय साफ्ट स्किल एवं इंटरव्यू स्किल कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में प्लेसमेंट और विदेशों में कार्य के लिए साफ्ट स्किल और इंटरव्यू स्किल अत्यंत आवश्यक हैं, जिन पर छात्र निजी संस्थानों में भारी राशि खर्च करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय सेमेस्टर ब्रेक के दौरान इस तरह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा।

उन्होंने बताया कि सेमेस्टर ब्रेक में छात्रों को ड्रोन पायलट का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय एक अनूठा मॉडल तैयार कर रहा है। ड्रोन पायलट प्रशिक्षण की वास्तविक लागत लगभग 45 हजार रुपये होने के बावजूद छात्रों से केवल नाममात्र का शुल्क लिया जाएगा।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अगले सेमेस्टर में छात्रों को विश्वविद्यालय में ही ड्रोन स्प्रे, भूमि सर्वेक्षण जैसे कार्यों से जोड़ा जाएगा। इन कार्यों से प्राप्त मेहनताना छात्रों की फीस के रूप में जमा होगा, जिसे डिग्री पूरी होने से पहले लौटा दिया जाएगा।

डा. पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र और शिक्षक स्वयं को विशिष्ट समझें, क्योंकि संस्थान उन्हें अति-विशिष्ट बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि शीघ्र ही शिक्षकों, वैज्ञानिकों और छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिससे कृषि शिक्षा और शोध कार्य अधिक स्मार्ट और प्रभावी बन सके।

स्कूल ऑफ एग्री-बिजनेस एंड रूरल मैनेजमेंट के निदेशक डा. रामदत्त ने कहा कि बीते तीन वर्षों में विश्वविद्यालय ने तेज़ी से प्रगति की है और एक नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। विश्वविद्यालय के छात्र देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डा. आर. किरण ने किया, जबकि मंच संचालन डा. कविताम्बिका ने किया। मौके पर सह-प्राध्यापक डा. संजीत कुमार समीर, डा. रितंभरा सिंह, डा. शिव पूजन सिंह, डा. कुमार राज्यवर्धन, डा. रमन दीप सिंह, डा. एम. संतोष, डा. श्रावंती, रश्मि सिन्हा सहित कई शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
475465