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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को CBSE के अधीन करने की मांग, स्कूलों में प्लस टू तक NCERT की चले किताबें

Chikheang 2026-1-5 23:26:50 views 467
  

सांकेतिक तस्वीर



जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। राज्य में समान शिक्षा और समान परवरिश की नीति लागू करते हुए सभी स्कूलों में प्लस टू तक एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू की जाए। आर्थिक रूप से कमजोर सभी बच्चों के परवरिश की पूरी जिम्मेदारी शासन स्वीकार करे।

तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी ने मुख्यमंत्री की ओर से नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के सुझाव पर पत्र भेजा है। मुख्यमंत्री को भेज सुझाव में कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को सीबीएसई बोर्ड के अधीन करते हुए पूरे राज्य में बच्चों के बोर्ड की परीक्षा सीबीएसई के अधीन हस्तांतरित की जाए।

राज्य के नागरिक अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर सर्वाधिक परेशान रहते हैं। राज्य को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री के संकल्प, समर्पण और ऐतिहासिक निर्णयों ने आज बिहार की सूरत बदल दी है। राज्य में अनगिनत लोक कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं।

इसके बावजूद यदि आम-आवाम परेशान है तो इसमें केवल सरकारी पक्ष ही नहीं बल्कि लोक व्यवहार भी कम जिम्मेवार नहीं है। इसके लिए कार्यपालिका के साथ-साथ आम-अवाम की भी जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाना आवश्यक है।

18 वर्ष तक के बच्चों के लिए मोबाइल के उपयोग पर पूर्ण पाबंदी लगाई जाए। राज्य में उत्तरदायित्व निर्धारण अधिनियम लागू करने, न्यायपालिका को सुदृढ़ करने, शिक्षित बेरोजगारों को साल में कम से कम 200 दिन काम देने, जन शिकायत के मामले को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने सहित 18 सुझाव मुख्यमंत्री को दिया गया है।

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