संवाद सूत्र, मुंगेर। नगर निगम क्षेत्र की सड़कों पर खुले में विचरण करने वाले पालतू पशुओं से उत्पन्न होने वाली समस्याओं जैसे छोटी-मोटी दुर्घटना, यातायात में व्यावधान, असुरक्षा की भावना आदि से निपटने के लिए नगर निगम ने कमर कस लिया है। उप नगर आयुक्त नसीमुद्दीन ने स्पष्ट कहा है कि शहर की सड़कों पर खुले में पशुओं के विचरण करने से आम लोगों को तो परेशानी होती ही है, दूसरी ओर सुरक्षा और दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है।
इसके अलावा पालतू पशु लोगों के द्वारा प्लास्टिक की थैलियों में फेंके जाने वाले खाद्य पदार्थ तथा फल सब्जियों के अवशेष को खाते हैं। इससे प्लास्टिक भी उनकी आंतों में पहुंच जाता है। इससे पशुओं में भी बीमारी उत्पन्न होती है तथा कभी-कभी उनकी जान भी चली जाती है। ऐसे में पशुपालकों को यह हिदायत दी जाएगी कि वे अपने अपने पालतू मवेशियों को अपने घरों या बथान में ही बांधकर रखें।
यदि इसके बावजूद पशुपालन ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उप नगर आयुक्त ने कहा कि कई बार पशुओं के अचानक सड़क पर आ जाने से लोग घायल हो चुके हैं, वहीं वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ हैं। पशुओं के कारण शहर की साफ सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। सड़कों पर गोबर और कचरा फैलने से नालियां जाम हो रही हैं और बदबू से लोगों का जीना मुहाल हो जाता है।
माइकिंग कर दी जाएगी चेतावनी
नगर निगम प्रशासन ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। उपनगर आयुक्त के अनुसार जल्द ही नगर निगम की ओर से पूरे शहर में माइकिंग कराई जाएगी। इसके माध्यम से पशु मालिकों को चेतावनी दी जाएगी कि वे अपने पशुओं को सड़कों पर खुला न छोड़ें। लोगों को दो दिनों की मोहलत दी जाएगी ताकि वे अपने पशुओं की उचित व्यवस्था कर सकें।
यदि दो दिनों की चेतावनी के बाद भी कोई व्यक्ति अपने पशुओं को सड़कों पर खुला छोड़ते तो ऐसे पशु को नगर निगम जब्त कर पूरबसराय स्थित गौशाला में रखा जाएगा। इसके साथ ही पशु मालिकों पर नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि शहर में कुछ ऐसे पशु भी हैं जिनका कोई मालिक सामने नहीं आता। ऐसे बेसहारा पशुओं को भी नगर निगम पकड़कर गौशाला में सुरक्षित रखा जाएगा ताकि वे सड़कों पर दुर्घटनाओं का कारण न बनें। नगर निगम की टीम इसके लिए विशेष अभियान चलाएगी।
राहगीरों को मिलेगी राहत
नगर निगम के इस फैसले से आम लोगों ने राहत की उम्मीद जताई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से आवारा पशुओं की समस्या से लोग परेशान थे लेकिन अब प्रशासन की सख्ती से हालात सुधरने की उम्मीद है। व्यापारियों और राहगीरों ने भी इस कदम का स्वागत किया है।
इधर नगर निगम प्रशासन ने पशु मालिकों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से नियमों का पालन करें और अपने पशुओं को बांधकर रखें या सुरक्षित स्थान पर रखें। ऐसा करके वे न केवल जुर्माने से बच सकते हैं, बल्कि शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में भी सहयोग कर सकते हैं। |
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