दिल्ली यूनिवसिर्टी के आदेश के खिलाफ छात्र ने दायर की है याचिका। फोटो: आर्काइव
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय राजधानी में स्थित इसके परिसरों में एक महीने के लिए किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने छात्र उदय भदोरिया की याचिका पर डीयू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। याचिका में यूजीसी के समानता नियमों के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों के मद्देनजर 17 फरवरी को प्राॅक्टर कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना को चुनौती दी गई है।
अधिवक्ता अभिषेक और अमन रावत के माध्यम से याचिका दायर की गई है। यह कहा गया है कि सीआरपीसी की धारा-144 दिल्ली पुलिस ने लगाई है और पुलिस को प्रतिवादी नहीं बनाया गया है। साथ ही यह भी कहा कि यह एक अधूरी पिटीशन है। इस पर अदालत ने मामले को मुख्य पीठ के समक्ष पेश किया और दिल्ली पुलिस को प्रतिवादी बनाने को कहा। मामले में अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी।
उदय भदौरिया ने किरोड़ीमल काॅलेज और दयाल सिंह काॅलेज की ओर से जारी की गई अधिसूचना को चुनौती दी है। इसमें कहा गया है कि दयाल सिंह इवनिंग काॅलेज ने मौजूदा हालात की वजह से प्रशासनिक वजहों से सालाना कल्चरल इवेंट \“रजनीगंधा-2026\“ को स्थगित कर दिया है। यह भी कहा कि यह अधिसूचना संविधान के खिलाफ है और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है।
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