राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मंगलवार को मतदाता सूची के ड्राफ्ट का प्रकाशन होगा। कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में एसआइआर के तहत 2,88,75,230 करोड़ ऐसे मतदाता हैं जो अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट हैं। यह कुल मतदाताओं का 18.70 प्रतिशत है। यानी अब 12.55 करोड़ मतदाता रह जाएंगे। जिन मतदाताओं के वर्ष 2003 की मतदाता सूची से रिकॉर्ड नहीं मिले हैं, उन्हें अब चुनाव आयोग नोटिस जारी करेगा। छह जनवरी से छह फरवरी तक दावे व आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन छह मार्च को होगा।
मतदाता सूची में दर्ज 1.04 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड नहीं मिल रहे हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में न तो इनके और न ही इनके माता-पिता या बाबा-दादी के नाम मिले हैं। यह कुल मतदाताओं का करीब सात प्रतिशत हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद मंगलवार से 27 फरवरी तक इन्हें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) नोटिस देंगे। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से स्वीकृृत 12 प्रमाण पत्रों में से इन्हें एक देना होगा। आधार कार्ड अकेले मान्य नहीं होगा इसके साथ कोई दूसरा प्रमाण पत्र भी लगाना होगा।
जिनका नाम वर्ष 2025 की मतदाता सूची में नहीं है, वह फार्म-6 भरकर मतदाता बन सकते हैं। जिनके पास गणना प्रपत्र आया था लेकिन वह किन्हीं कारणों से भर नहीं सके तो वे भी फार्म-6 भरकर मतदाता बन सकते हैं। हालांकि इन्हें एक शपथ पत्र भरना होगा। इसमें गणना प्रपत्र की तरह ही 2003 का रिकार्ड देना होगा। इसके साथ ही एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी फार्म-6 भरकर मतदाता बन सकते हैं।
किस श्रेणी में मिले कितने मतदाता
स्थानांतरित- 1.29 करोड़
अनुपस्थित- 79.52 लाख
मृत- 46.23 लाख
डुप्लीकेट- 25.47 लाख
जिन्होंने फार्म नहीं किए जमा- 7.57 लाख
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