46 करोड़ रुपये से बनेंगी दो पानी की टंकियां।
दुर्गेश द्विवेदी, सीतापुर। अमृत 2.0 योजना के तहत नगर की पेयजल आपूर्ति का दायरा लगभग दो गुणा हो जाएगा। 46 करोड़ रुपये की लागत से नगर के आर्यनगर और आवास विकास में दो ओवरहेड टैंक बनेंगे। वहीं, 100 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। 18,000 नए कनेक्शन दिए जाएंगे। अब तक नगर में 19,101 कनेक्शन ही हैं। जल निगम की ओर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
आठ वर्ग किलोमीटर में बसे नगर की करीब पौन चार लाख आबादी है। अब तक अधिकांश आबादी निजी बोरिंग से पानी की जरूरतों को पूरा कर रही है। नगर में सिर्फ 19,101 कनेक्शन ही है।
जल निगम की ओर से नगर की समस्त आबादी की पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए अमृत 2.0 के तहत कार्ययोजना बनाई गई। 46 करोड़ रुपये की इस कार्ययोजना को वर्ष 2029 तक पूरा किया जाना है।
इसमें आर्यनगर में 1400 और आवास विकास मुहल्ला में 500 किलोलीटर के पानी के टैंक मिलेंगे। इसके अलावा नई पाइप लाइन भी बिछाई जाएगी।
आठ नए ट्यूबवेल भी बनेंगे
नगर में अलग-अलग हिस्से में पेयजल आपूर्ति के लिए आठ नए ट्यूबवेल भी बनेंगे। इनमें से पांच ट्यूबवेल गल्ला मंडी, इस्माइलपुर और हेमपुरवा क्षेत्र में बनाए जाएंगे। एक ट्यूबवेल आर्यनगर में बनेगा। दो ट्यूबवेल नगर के अन्य मुहल्लों में बनेगा। इन ट्यूबवेल सीधे पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
योजना के खत्म होने का नहीं पड़ेगा असर
अमृत 2.0 योजना वित्तीय 2021-2022 में पांव वर्ष के लिए लागू की गई थी, जिसकी अवधि मार्च 2026 में पूरी हो रही है। जल निगम के अवर अभियंता केके यादव ने बताया कि योजना खत्म होने का उनके प्रोजेक्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू होने के नजदीक है। मार्च 2026 के बाद योजना में नए प्रोजेक्ट नहीं स्वीकार किए जाएंगे।
नगर में पेयजल आपूर्ति का दायरा बढ़ाने के लिए अमृत 2.0 योजना के तहत 46 करोड़ रुपये की लागत की कार्ययोजना धरातल पर उतरने को तैयार है। टेंडर हो चुके हैं, शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे। -केके यादव, अवर अभियंता जल निगम। |
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