जागरण संवाददाता, गोरखपुर। चौरी चौरा में हुए दोहरे हत्याकांड की विवेचना के दौरान सामने आए विरोधाभासों को दूर करने और हत्या की साजिश की परतें खोलने के लिए पुलिस टीम सोमवार को पालीग्राफ टेस्ट कराने गाजियाबाद रवाना हुई।
मुकदमा वादी, तीन नामजद आरोपितों के अलावा दो संदिग्ध का पालीग्राफ परीक्षण कराया जाएगा। सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह की अगुवाई में टीम को भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
यह सनसनीखेज वारदात 29 मार्च 2025 की देर रात करीब 1:30 बजे चौरी चौरा क्षेत्र के शिवपुर चकदहा गांव में हुई थी। घर के भीतर सो रही पूनम और उसकी छोटी बेटी अनुष्का की गड़ासे से काटकर हत्या कर दी थी। घटना के वक्त घर में मौजूद बड़ी बेटी खुशबू को हमलावरों ने दूसरे कमरे में बंद कर दिया था।
जांच में सामने आया कि हत्या के बाद आरोपित पूनम का मोबाइल फोन अपने साथ ले गए थे जो एक सप्ताह बाद गांव के बाहर खेत में मिला था। खुशबू ने पुलिस को बताया था कि उसने कमरे के दरवाजे के छेद से हमलावरों को देखा था।
उसकी तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही संजय उर्फ शैलेंद्र, उसके पिता कोटेदार सूरज, भाई सुरेंद्र और दो अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच की तो कई बिंदुओं पर वादी का बयान और परिस्थितियां आपस में मेल नहीं खा रहे थे।
इसी वजह से वैज्ञानिक जांच के तौर पर पालीग्राफ टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया। पुलिस को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से सच और झूठ का पता चलने के साथ ही हत्या की साजिश में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
नामजद आरोपित को भेजा गया था जेल
पुलिस ने नामजद आरोपित संजय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो फिलहाल जमानत पर बाहर है। विवेचना के दौरान पुलिस को आशंका रही कि इस हत्याकांड में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
अब तक 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और करीब 50 संदिग्धों के काल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले गए। कई लोगों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ भी की गई, लेकिन ठोस साक्ष्य न मिलने पर छोड़ना पड़ा। |
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