आधी रात को खोखों में लगी भीषण आग। वहीं, अग्निकांड में कुछ सामान सही बचने की उम्मीद में तलाश करते पीड़ित दुकानदार।
जागरण संवाददाता, हरिद्वार: ललतारौ पुल के किनारे रखे सात खोखों में आधी रात आग लगने लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। दमकल की टीम गाड़ियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पीड़ित दुकानदारों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है, ताकि वह फिर से अपना रोजगार खड़ा कर सकें।
ललतारौ पुल के किनारे चूड़ी, बिंदी, मिला, ठंडाई और बर्तन आदि की अस्थायी दुकानें हैं। रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे पहले एक दुकान में आग लगी। चंद मिनट में अगल-बगल के खोखों को भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते लाइन से कुल सात खोखों में भीषण आग लग गई।
सूचना पर मायापुर फायर स्टेशन से दमकल टीम मौके पर पहुंची। शहर कोतवाली की पुलिस ने आमजन को सुरक्षित किया। दमकल की तीन गाड़ियों से मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक सारा सामान जलकर राख हो गया।
पीड़ित दुकानदार जगमोहन, प्रमोद, पप्पू, पिंकी, नितिन, जुगलकिशोर, विनय, राजेश आदि ने बताया कि अग्निकांड में पूरा सामान जलकर राख हो गया। दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ है। जिससे पूरा व्यापार ही चौपट हो गया। पीड़ित दुकानदारों ने प्रशासन से मुआवजा राशि की मांग की है।
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