मरीज को देखने में लगने वाले समय की होगी निगरानी। सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों को देखने में डाॅक्टर कितना समय दे रहे हैं, इसकी नियमित रिपोर्ट ली जाएगी।
इस काम को करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ओपीडी प्रबंधन से जुड़े ऑनलाइन साॅफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव की तैयारी में है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों तक यह स्पष्ट हो सकेगा कि एक मरीज चिकित्सक के पास औसतन कितनी देर तक परामर्श ले रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों के अनुसार, फिलहाल ओपीडी साॅफ्टवेयर के जरिए मरीजों के अस्पताल में कुल समय की जानकारी मिलती है।
इसमें रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर दवा प्राप्त करने तक का कुल समय दर्ज होता है। इसी आधार पर यह आकलन किया जाता है कि ओपीडी में मरीजों को कितनी देर लग रही है।
अभी एक मरीज पर औसत 38 मिनट
वर्तमान में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में एक मरीज को ओपीडी की पूरी प्रक्रिया में औसतन 38 मिनट का समय लग रहा है।
अब प्रस्तावित बदलाव के बाद ओपीडी प्रक्रिया को और सूक्ष्म तरीके से ट्रैक किया जाएगा। साॅफ्टवेयर में ऐसा प्रविधान किया जाएगा, जिससे यह दर्ज हो सके कि मरीज चिकित्सक के कक्ष में कब प्रवेश करता है और कब बाहर निकलता है।
इससे डॉक्टर-मरीज संवाद के वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध होगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस पहल से ओपीडी सेवाओं की गुणवत्ता का बेहतर मूल्यांकन हो सकेगा।
यदि किसी अस्पताल या चिकित्सक के यहां परामर्श का समय असामान्य रूप से कम या अधिक पाया जाता है, तो कारणों की समीक्षा की जा सकेगी। साथ ही, इससे मरीजों की संतुष्टि बढ़ाने और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। |
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