अस्पताल में भर्ती छात्र आदित्य मिश्रा।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। देश के स्वच्छतम शहर का तमगा हासिल कर चुके इंदौर में दूषित पेयजल से फैली बीमारी का असर अब अन्य शहरों तक पहुंचने लगा है। इंदौर के भवरकुंआ क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर बीबीए की पढ़ाई कर रहे 18 वर्षीय छात्र आदित्य मिश्रा को गंभीर हालत में जबलपुर के मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। वह बीते छह दिनों से आईसीयू में भर्ती हैं और चिकित्सकों ने हेपेटाइटिस-A संक्रमण की पुष्टि की है।
सार्वजनिक नल का पानी बना बीमारी की वजह
आदित्य मिश्रा मूल रूप से सिवनी जिले का निवासी है। उनके पिता राजेश मिश्रा जीएसटी इंस्पेक्टर हैं। आदित्य ने बताया कि वह इंदौर के भवरकुंआ क्षेत्र में सार्वजनिक नल से मिलने वाले पानी का उपयोग पीने के लिए करता था। नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए इसी दूषित पानी के सेवन से उसकी तबीयत बिगड़ गई।
ट्रेन यात्रा के दौरान बिगड़ी तबीयत
आदित्य ने बताया कि 20 दिसंबर को उसकी तबीयत खराब हुई। शुरुआत में इसे सामान्य समस्या मानकर मेडिकल स्टोर से दवा ली, जिससे थोड़ी राहत मिली। 22 दिसंबर को वह ट्रैकिंग के लिए इंदौर से देहरादून जाने के लिए ट्रेन में सवार हुआ, लेकिन यात्रा के दौरान उसे तेज उल्टियां शुरू हो गईं और फिर तेज बुखार ने जकड़ लिया।
देहरादून पहुंचने के बाद भी ट्रैकिंग की, जहां शाकरी में प्राथमिक उपचार कराया गया, लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ। इसके बाद वह देहरादून से दिल्ली पहुंचा, जहां एक निजी अस्पताल के डॉक्टर ने तत्काल भर्ती होकर इलाज कराने की सलाह दी।
जबलपुर पहुंचते-पहुंचते हालत नाजुक
दिल्ली से ट्रेन के जरिए जबलपुर पहुंचते समय तक आदित्य की हालत गंभीर हो चुकी थी। मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती होने पर जांच में सामने आया कि उसके रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या घटकर मात्र 17 हजार रह गई थी और लिवर में भी गंभीर संक्रमण फैल चुका था।
आदित्य का उपचार कर रहे भेषज विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र राजपूत ने बताया कि मरीज अब खतरे से बाहर है, लेकिन अभी उसे गहन निगरानी में रखा गया है। |