सांकेतिक तस्वीर
संवाद सहयोगी, शिवहर/पिपराही। शिवहर-सीतामढी रेलमार्ग के निर्माण में अधिगृहित भूमि के मुआवजे के भुगतान की बाधा दूर होगी। जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने रेलमार्ग निर्माण की के लिए अधिगृहित भूमि के मुआवजे के भुगतान के लिए प्रशासन पहल तेज कर दी है।
इसके तहत मुआवजा भुगतान के लिए पंचायतवार शिविर का आयोजन किया जाएगा। 12 जनवरी को मीनापुर बलहा, 13 जनवरी को धनकौल व 16 जनवरी को परसौनी बैज पंचायत में शिविर का आयोजन कर रैयतों के कागजातों की त्रुटियां दूर कर मुआवजे का भुगतान किया जाएगा।
शिवहर-सीतामढ़ी रेलमार्ग निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने प्रखंड कार्यालय पिपराही में रैयतों के साथ आयोजित बैठक में उक्त निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा मीनापुर बलहा, धनकौल एवं परसौनी बैज पंचायत के रैयतों से मुआवजा भुगतान के बिंदुओं पर कई सवाल किए।
साथ ही सुझाव भी प्राप्त किया गया। रैयतों द्वारा बताया गया कि उनके पट्टीदारोँ द्वारा मुआवजा भुगतान के लिए सहमति नहीं दी जा रही है। सामने आया कि विभिन्न रैयत, फरीक व पट्टीदारों के बीच लिखित बंटवारा नहीं है। वे खुदहा बंटवारा के आधार पर अपने जमीन पर दाखिल-काबिज हैं।
बताया गया कि कई भूमि सीलिंग की रहने के कारण भी मुआवजा भुगतान में कठिनाई हो रही है। विभागीय निर्देशानुसार सीलिंग की जमीन खरीदने वाले को मुआवजा की राशि का भुगतान नहीं किया जाना है।
साथ ही कतिपय रैयतों का दोहरी जमाबंदी संबंधी मामलों के कारण भी मुआवजा भगतान लंबित रहने की बात सामने आई। जिलाधिकारी ने दोहरी जमाबंदी संबंधी मामलों की जांच व सत्यापन के उपरांत सम्यक सुनवाई कर मामलों को एक सप्ताह के अंदर निष्पादन का निदेश अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी एवं पिपराही सीओ को दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन रैयतों के बीच जिनके पारिवारिक कारणों से भुगतान की सहमति नहीं बन पा रही है, उनके बीच शिविर के आयोजन से पूर्व सहमति बनाने हेतु संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों प्रमुख-उप-प्रमुख एवं मुखियों को सार्थक पहल करें। बैठक के बाद जिलाधिकारी ने देकुली धाम स्थित भू-अर्जन कैम्प का भी निरीक्षण किया।
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