हत्यारोपित पिता और पुत्र।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। आगरा के ट्रांसपोर्टर की बेरहमी से पीटकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित को उसके बड़े बेटे के साथ मंगलवार दोपहर नगला पान सहाय के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद हुआ है। इस मामले में थाना उत्तर पुलिस एक आरोपित को पहले ही जेल भेज चुकी है। एक अभी फरार है।
कैंटर सहित अगवाकर शाहपुर में फेंक गए थे व्यापारी
ट्रांसयमुना कॉलोनी, महावीर नगर कॉलोनी निवासी 50 वर्षीय ट्रांसपोर्टर बाल मुकुंद दुबे को रविवार सुबह छह बजे कैंटर समेत ककरऊ कोठी के पास से अगवा कर आरोपित जैन मंदिर के पास स्थित अपने मां भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी के कार्यालय में ले आए थे। यहां उनकी बेरहमी से पिटाई करने के बाद नारखी क्षेत्र के शाहपुर गांव में सड़क किनारे मरणासन्न हालत में फेंक गए। कुछ घंटे बाद उन्हें सरकारी ट्रामा सेंटर लाया गया। वहां उनकी मृत्यु हो गई। पत्नी रूबी देवी की तहरीर पर उनके साझीदार ठा. गजेंद्र सिंह, उसके भाई धर्मेंद्र, बेटे नितिन और अंकुश के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
नगला पान सहाय के पास से मंगलवार दोपहर दोनों को पकड़ा, हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद
पुलिस ने एक धर्मेंद्र को सोमवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इंस्पेक्टर अंजीश कुमार ने बताया कि मंगलवार दोपहर सूचना मिली कि मुख्य आरोपित अपने बेटे के साथ नगला पान सहाय के पास खड़ा है। इस पर पुलिस टीम के साथ घेरेबंदी करके गजेंद्र सिंह, उसके बेटे नितिन निवासीगण श्रीनाथपुरम ककरऊ कोठी थाना उत्तर को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये मूलरूप से कानपुर देहातमें ग्राम देवकी पुरवा बनीपारा थाना रूरा के रहने वाले हैं। यहां रहकर कई वर्ष से ट्रांसपोर्ट का कारोबार कर रहे थे। अब इस मामले में मुख्य आरोपित के छोटे अंकुश की तलाश है।
पूछताछ में आरोपितों ने दी जानकारी
पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि उनका बालमुकुंद के साथ साझेदारी में ट्रांसपोर्ट का काम था। डेढ़ वर्ष से बालमुकुंद को यह लगता था कि हिसाब में गड़बड़ी की जा रही है और कम कमीशन दिया जा रहा है। इसी बात को लेकर तनातनी चल रही थी। कुछ दिनों से बालमुकुंद अपना माल दूसरे ट्रांसपोर्ट पर उतारने लगे थे। इस पर उन्हें दूसरी जगह माल न उतारने को लेकर रोका गया था, लेकिन वह नहीं माने।
इस पर रविवार सुबह जब वह ककरऊ कोठी स्थित आल इंडिया ट्रांसपोर्ट पर माल उतरवाने आए तो उन्हें सबक सिखाने के लिए जबरन माल अपने ट्रांसपोर्ट पर उतरवाने के लिए कैंटर लेकर आए थे। बातचीत के दौरान कहासुनी हुई। इस दौरान पिटाई में ज्यादा चोट लग गई। जिससे वह अचेत हो गए। पकड़े जाने के डर से गंभीर हालत में कैंटर से लेकर जाकर उन्हें शाहपुर में फेंक दिया था।
मथुरा में दो दिन छिपा रहा गजेंद्र सिंह
हत्याकांड केे बाद गजेंद्र अपने बेटों के साथ आगरा पहुंचा। वहां से अंकुश अलग हो गया। गजेंद्र मथुरा और नितिन आगरा में किसी रिश्तेदार के घर छिपा रहा है। मंगलवार दोपहर गजेंद्र और नितिन किसी रिश्तेदार के माध्यम से सामान और पैसे लेने के लिए नगला पान सहाय के पास आए थे। तभी पुलिस ने पकड़ लिया।
माल के लिए परेशान कारोबारी
ट्रांसपोर्टर बालमुकुंद जिस कैंटर में माल लोड कर आए थे। उसमें फिरोजाबाद के साथ शिकोहाबाद, सिरसागंज के 20 से अधिक कारोबारियों का माल था। कैंटर को यहां से शिकोहाबाद और सिरसागंज में माल उतराने जाता। इस घटना से कारोबारी परेशान हैं। इंस्पेक्टर अंजीश कुमार ने बताया कि कारोबारियों को उनका माल दिलाया जाएगा।
कारोबारियों ने की घटना की निंदा
इस हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल की एक बैठक मंगलवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएस गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। व्यापारी नेता पंकज गुप्ता ने कहा कि आरोपितों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में किराना व्यापारी राकेश गुप्ता, संजय मित्तल, आलोक मित्तल, सप्पू जैन, कमलेश जैन, कमल गुप्ता उपस्थित रहे। |
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