निचली गंग नहर कटैया पुल पर जायजा लेते विधायक कैलाश राजपूत व साथ में सहायक अभियंता नहर विभाग नसीम अहमद।
संवाद सूत्र, जागरण कन्नौज। निचली गंग नहर के कटैया पुल की स्थिति अब पूरी तरह से जर्जर हो गई। कारण, कटैया पुल ब्रिटिश शासन काल 1851 में बना था। 175 वर्ष पुराना पुल होने से हालत खराब हो चुकी है। इसको लेकर विधायक ने मुख्यमंत्री काे प्रस्ताव दिया और चार करोड़, 10 लाख रुपये बजट निर्धारित किया गया है।
लाख बहोसी पक्षी विहार के रेस्ट हाउस से करीब 200 मीटर आगे निचली गंग नहर का कटैया पुल बना है। इंदरगढ़ से बहोसी होते हुए कटैया पुल से औरैया के बेला और विधूना के लिए वाहन निकलते थे।
अंग्रेजों के शासन काल में कटैया पुल का निर्माण वर्ष 1851 में हुआ था। पुल के 175 वर्ष बीत गए और अब स्थिति जर्जर हो गई। भारी वाहनों के निकलने से हादसे की आशंका बनी हुई थी। इससे गंग नहर ने डंपर, ट्रक, कार समेत अन्य चौपहिया वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया था।
इससे पुल से सिर्फ बाइक, साइकिल और पैदल ही लोग निकल पा रहे। इससे राहगीरों को काफी परेशानी हो रही थी। मंगलवार को विधायक कैलाश राजपूत ने गंग नहर के सहायक अभियंता नसीम अहमद के साथ जायजा लिया।
विधायक ने बताया कि गंग नहर के पुल का निर्माण कराए जाने के लिए प्रस्ताव पूर्व में दिया जा चुका है। इसके लिए चार करोड़, 10 लाख का बजट निर्धारित किया गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। जल्द ही इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
यह भी पढ़ें- यूपी के इस जिले में 302 करोड़ की लागत से बनेगा पुल, 2.12 किमी लंबे ब्रिज के निर्माण से सुगम होगा आवागमन |