जागरण संवाददाता, बिजनौर। विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्राम रोजगार सेवक ने पति के खिलाफ मिलकर बड़ा खेल किया। पति की पोर्टल पर दो नाम से तीन आइडी बनवा दी। पति की तीन आइडी सहित कुल आठ लोगों का पैसा बिना किसी काम के अपने पति के अलग अलग बैंक अकाउंट में भेजा। ऐसा करके पौने पांच लाख रुपये से अधिक का गबन किया गया।
डीएम जसजीत कौर ने बीडीओ अफजलगढ़ को ग्राम रोजगार सेवक व खातों को मैप करने वाले खंड स्तरीय अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
ब्लाक अफजलगढ़ की ग्राम पंचायत चांदपुर उदयपुर में शैला अंजुम ग्राम रोजगार सेवक है। उनके पति का नाम शहाबुद्दीन अहमद पुत्र इकबाल अहमद उर्फ बाबू है। ग्रामीणों ने ग्राम रोजगार सेवक पर अनियमित्ता करने का आरोप लगाया था। मामले में घोटाला सामने आया।
ग्राम रोजगार सेवक शैला अंजुम के पति शहाबुद्दीन ने खुद को जाब कार्ड धारक दिखा रखा था। इसके अलावा शहाबुद्दीन ने अपने पिता के नाम इकबाल अहमद उर्फ बाबू को अलग-अलग व्यक्ति की तरह दर्शाकर दोनों के नाम से कुशल श्रमिक का कार्ड भी बनवा लिया। इकबाल अहमद को गांव और परिवार में ऐसे ही बाबू कह दिया जाता है।
शहाबुद्दीन ने दोनों को अलग अलग दर्शाते हुए दो जगह नाम चढ़वा लिए। इससे भी गजब तो ये किया कि शहाबुद्दीन ने अपनी तीन आइडी के काम के साथ ही जाब कार्ड धारक धर्मेंद्र कुमार, वसीम अहम तथा कुशल श्रमिक में दर्ज करन सिंह, सलीम अहमद व पंपनो उर्फ पूनम देवी के नाम के आगे अपने ही अलग अलग बैंक खाते दर्शाए। इनके नाम पर जो भी पैसा जारी किया गया वह शहाबुद्दीन के खाते में गया।
इस तरह कुल चार लाख 81 हजार 448 रुपये शहाबुद्दीन के पांच खातों में गए। डीएम ने ग्राम रोजगार सेवक शैला अंजुम व संबंधित ब्लाक कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। |
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