search

अयोध्या: नजूल भूमि पर कब्जे को लेकर प्रशासन व पक्षकार हुए आमने-सामने, विरोध पर अधिकारी लौटे

LHC0088 5 day(s) ago views 969
  



जागरण संवाददाता, अयोध्या। भारतीय स्टेट बैंक के सामने सिविल लाइन स्थित लगभग डेढ़ लाख वर्गमीटर बेशकीमती नजूल भूमि पर कब्जेदारी को लेकर मंगलवार को प्रशासन व पक्षकार आमने-सामने आ गए।

उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन होने और यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश के बावजूद कब्जा करने पहुंचे अधिकारियों को पक्षकारों व उनके अधिवक्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। घंटों की मशक्कत के बाद भी अधिकारी बैरंग वापस लौटे। अब बुधवार को सुबह 11 बजे जिलाधिकारी कार्यालय में इसको लेकर पक्षकारों व अधिवक्ताओं को बुलाया गया है।

नजूल भूमि पर वर्षों से काबिज पक्षकारों का कहना है कि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट से उनके पक्ष में डिक्री हो जाने और यथास्थिति के आदेश के बावजूद जिला प्रशासन मंगलवार को जमीन खाली कराने पहुंच गया और फेंसिंग को काटने का प्रयास किया गया।

डिक्रीदारों के पैरवीकार अधिवक्ता अरविंद कौल, अतीक अहमद खान व रोहित महरोत्रा आदि ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक पहले किराएदारी के आधार पर एक भवन में संचालित था। भवन को खाली कराने का मुकदमा 1999 से चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट से डिक्रीदारों के पक्ष में निर्णय हुआ।

सुप्रीम कोर्ट ने 22 दिसंबर 2025 को अपने अंतिम निर्णय में कहा था कि संपूर्ण परिसर खाली कराकर डिक्रीदारों को कब्जा दिलाया जाए। दो जनवरी को एसबीआइ से संपूर्ण परिसर खाली करवा कर स्थानीय न्यायालय से नियुक्त कोर्ट अमीन ने वीडियोग्राफी करवाकर लगभग आठ पक्षकारों को कब्जा दिलवा दिया।

मामले में स्थानीय न्यायालय के समक्ष नजूल विभाग ने आपत्ति प्रस्तुत की, जिसेे न्यायालय ने 16 दिसंबर को खारिज कर दिया। इसके विरुद्ध नजूल विभाग ने उच्च न्यायालय में रिट याचिका प्रस्तुत की, जिस पर हाईकोर्ट ने तीन जनवरी को आदेश पारित किया कि नजूल विभाग की आपत्ति पर जिला जज पुन: सुनवाई करें और नियमानुसार उचित आदेश पारित किया जाए। इससे हाईकोर्ट को अवगत कराया जाए।

हाईकोर्ट ने नजूल विभाग की आपत्ति निस्तारित होने तक यथास्थिति का आदेश भी दे रखा है। बावजूद इसके मंगलवार को लगभग 12 बजे सहायक अभिलेख अधिकारी पवन शर्मा के नेतृत्व में क्षेत्राधिकारी नगर श्रीयश त्रिपाठी, नायब नजूल तहसीलदार, कोतवाल नगर अश्विनी पांडेय और बड़ी संख्या में पुलिसबल परिसर को खाली कराने पहुंच गया।

पक्षकारों व अधिवक्ताओं को जानकारी हुई तो न्यायालय के आदेश की अवहेलना बता विरोध किया गया। अधिवक्ताओं ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को कोर्ट के निर्णय की कापी भी दिखाई। काफी देर तक दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति रही।

एआरओ ने मौके से ही उच्चाधिकारियों से बात की तो बार एसोसिएशन चुनाव को देखते हुए यह कार्रवाई टाल दी गई और पक्षकारों को बुधवार को डीएम कार्यालय में बुलाया गया। एआरओ पवन शर्मा ने कहाकि फर्जी रिट के आधार पर नजूल भूमि पर अनैतिक रूप से कब्जा किया गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर अब अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
148487

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com