अंसल एपीआई का आगरा स्थित प्रोजेक्ट।
जागरण संवाददाता, आगरा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अंसल प्रापर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एपीआइएल) के विरुद्ध बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। अटूस, पनवारी गांव में अंसल एपीआइ की 598 करोड़ रुपये की जमीन जब्त कर ली।
यह कार्रवाई मनी लांड्रिंग जांच के बाद किया गया है। यह मामला गुरुग्राम के सेक्टर 58 से 63 और 65 से 67 तक की भूमि के अधिग्रहण व रिलीज में अनियमितताओं से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआइ ने 23 जनवरी 2019 को मुकदमा दर्ज किया था।
ईडी की जांच में पता चला है कि यह संपत्तियां एपीआइएल की ओर से काम करने वाली संबंद्ध कंपनियों और लोगों के नाम पर हैं। इन कंपनियों को लैंड-होल्डिंग व्हीकल के तौर पर बनाया और इस्तेमाल किया गया।
पूरा धन, नियंत्रण और स्वामित्व कंपनी के पास था। जमीन को शुरू में भू अधिग्रहण अधिनियम 1894 के तहत अधिग्रहण के लिए अधिसूचित किया गया था। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा विकास और भूमि बैंक बनाना बताए गए थे।
ईडी ने जांच में पाया कि ऐसी अधिकांश भूमि को धोखाधड़ी और मिलीभगत से कालोनाइजरों को दे दी गई थी। आगरा में भी भूमि खरीद में खेल हुआ था। खरीदारों के साथ धोखा किया गया था। बुधवार को ईडी ने 598 करोड़ रुपये की भूमि को जब्त कर लिया।
खरीदारों और प्रोजेक्ट कब्जे में परेशानी से बचाने के लिए ईडी ने अंसल की एसोसिएट कंपनियों और व्यक्तियों के नाम की भूमि को जब्त किया है।  |