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AI से रचा बच्चे का ‘डिजिटल अपहरण’: डीपफेक वीडियो दिखाकर ठगों ने माता-पिता से 1.2 लाख की वसूली

Chikheang 1 hour(s) ago views 700
  

पुलिस में शिकायत दर्ज कराते पीड़ित माता-पिता।  



डिजिटल डेस्क, इंदौर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला इंदौर में सामने आया है। ठगों ने डीपफेक तकनीक का सहारा लेकर एक नाबालिग के अपहरण का फर्जी वीडियो बनाया और उसके माता-पिता से 1.2 लाख रुपये की ठगी कर ली। हैरानी की बात यह रही कि 10वीं में पढ़ने वाला छात्र सुरक्षित था और दर्शन के लिए गया हुआ था।
घर से निकला, दर्शन पर पहुंचा

पीड़ित मां पूजा प्रजापति के अनुसार, 1 फरवरी को उनका 16 वर्षीय बेटा बिना बताए घर से निकल गया। परिवार ने MIG थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई और सोशल मीडिया पर बच्चे की तस्वीर व संपर्क नंबर साझा किए।
अगले दिन पति के मोबाइल पर ठगों का वीडियो कॉल आया, जिसमें एक व्यक्ति ने मुंह पर कपड़ा बांधकर ऐसा दृश्य दिखाया मानो बच्चा उनके कब्जे में हो। वीडियो में पीठ पर चाकू से वार दिखाया गया। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह डीपफेक वीडियो था।
फिरौती नहीं दी तो गर्दन काट देंगे

ठगों ने धमकी दी कि रकम नहीं दी तो बच्चे की जान ले लेंगे। पहले 30 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए, फिर और दबाव बनाया गया। डर के माहौल में माता-पिता को 15 मिनट तक वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” रखा गया, फोन काटने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
किडनी-लिवर बेचने की धमकी

ठगों ने अमानवीय धमकियां देते हुए कहा कि बच्चे के अंग बेच दिए जाएंगे। घबराकर परिजनों ने क्यूआर कोड के जरिए कुल 1.2 लाख रुपये भेज दिए। कॉल जिस नंबर से आई, वह यूनाइटेड किंगडम का बताया गया, जबकि जिस खाते में राशि गई, वह भारत का था।

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बेटा लौटा, तब मिली राहत

बेटे ने लौटकर बताया कि वह श्रीनाथजी मंदिर दर्शन के लिए गया था। किसी ने उसका अपहरण नहीं किया। तब माता-पिता की जान में जान आई। परिजन क्राइम ब्रांच पहुंचे और विस्तृत शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले को AI आधारित साइबर ठगी मानते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि गुमशुदगी या आपात स्थिति में सोशल मीडिया पर नंबर साझा करते समय सावधानी बरतें और ऐसे वीडियो कॉल आने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।



छात्र घर से स्कूल जाने के लिए निकलता था, लेकिन बंक मार देता था। इसे लेकर फटकार लगाई थी। इसके बाद वह शाम को साढ़े चार बजे कोचिंग जाता था, लेकिन घटना वाले दिन वह घर नहीं लौटा। श्रीनाथजी से उसने दोस्त से संपर्क किया और जानकारी दी।16 वर्षीय बच्चे को डांटा तो वह बिना बताए चला गया था। इंटरनेट मीडिया पर उसकी फोटो डाली थी। एक फोन स्वजन के पास आया और बताया कि उसका अपहरण कर लिया है। बच्चा चाहिए तो एक लाख रुपये देने होंगे। अगले दिन बच्चे का फोन आया कि वह श्रीनाथजी गया हुआ था। यह डीपफेक का मामला हो सकता है। शिकायत दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
-राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच
  
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