जानकारी देते मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, साथ में सचिव मयंक वरवड़े व अन्य। सौ- विभाग
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने पिछले पांच से छह वर्षों में पांच हजार 88 करोड़ रुपये की योजनाओं की अनुशंसा की।
इनमें 3 हजार 633 करोड़ रुपये खर्च हुए। 72 हजार 206 योजनाएं पूरी हुईं। 17 हजार 621 योजनाओं पर काम चल रहा है।
यह आंकड़ा 17वीं विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों के वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक के कार्यकाल का है। अब विधानमंडल के सदस्यों को प्रति वर्ष चार करोड़ रुपये तक की योजनाओं की अनुशंसा का अधिकार है।
योजना एवं विकास विभाग मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बुधवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी।
मंत्री ने कहा कि राज्य के विकास से जुड़े आंकड़ों का संग्रह किया जा रहा है। इसे बिहार सांख्यिकी निदेशालय के ऑनलाइन पोर्टल पर रखा जाएगा। विभागीय प्रधान सचिव मयंक बड़बडे, निदेशक रणजीत कुमार समेत अधिकारी मौजूद थे।
प्रेस कांफ्रेंस में बताया गया कि संसद सदस्यों की स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत 18वीं लोकसभा के सांसदों की अनुशंसा पर नवंबर 2025 तक 2456 स्वीकृत योजनाओं के मुकाबले 1108 योजना पूर्ण हो चुकी है, जिस पर 117 करोड़ 64 लाख रुपये का व्यय आया है।
इसी तरह 17वीं लोकसभा के अंतर्गत सांसदों की अनुशंसा पर 13 हजार 93 योजनाओं में से 12 हजार 190 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इस पर 621 करोड़ 90 लाख रुपये का खर्च किया गया।
राज्यसभा के सांसदों की अनुशंसा पर वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक स्वीकृत तीन हजार 792 योजनाओं के मुकाबले दो हजार 914 योजनाएं पूर्ण हैं। इन पर 261 करोड़ 95 लाख रुपये का खर्च आया है।
स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत दो अक्टूबर 2016 से 31 दिसंबर 2025 तक 12वीं या समकक्ष परीक्षा पास कुल आठ लाख 76 हजार 473 आवेदकों को स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया गया है।
इस पर एक हजार 267 करोड़ रुपये खर्च हुए। एक अक्टूबर 2025 से स्नातक (कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय) पास युवक या युवतियों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
इसके अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक 31 हजार छह आवेदकों को स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया गया है, जिस पर तीन करोड़ 10 लाख रुपये का खर्च आया है।
इसके अलावा ई-किसान भवन योजना के तहत 210 स्वीकृत योजनाओं में 186 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।
मंदिर और कब्रिस्तान की घेराबंदी का काम तेजी से चल रहा है।
बिहार मंदिर चाहरदीवारी निर्माण योजना के तहत 654 में 538 योजनाओं का निर्माण हो चुका है। कब्रिस्तान घेराबंदी योजना के तहत स्वीकृत 4289 योजनाओं में 3893 योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है।
2024-25 में बिहार की विकास दर 13.09 प्रतिशत रही
वर्तमान मूल्य पर वित्तीय वर्ष 2024-25 का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में वार्षिक वृद्धि दर 13.09 प्रतिशत है। जबकि स्थिर मूल्य (2011-12 पर वार्षिक वृद्धि दर 8.64 प्रतिशत है।
वर्तमान मूल्य पर वर्ष 2024-25 का प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद 76 हजार 490 रुपये था। जबकि, स्थिर मूल्य (2011-12) पर 40 हजार 973 रुपये है। |
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