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गाजियाबाद में रेस्क्यू किया तेंदुआ जंगल में छोड़ा गया, ऑपरेशन की सफलता में रही महिलाओं अधिकारियों की अहम भूमिका

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गाजियाबाद में पिंजरे में बंद तेंदुआ। फोटो: जागरण  



शिवालिक के जंगलों में छोड़ा गया तेंदुआ
जागरण संवाददाता,गाजियाबाद। गोविंदपुरम स्थित ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल से रेस्क्यू किया गया तेंदुआ शिवालिक के जंगलों में बृहस्पतिवार सुबह को छोड़ दिया गया। वन विभाग की टीम उसे पिंजरे में लेकर सहारनपुर क्षेत्र में बुधवार रात को ही पहुंच गई थी। बताया गया है कि रास्ते में तेंदुआ को मांस खिलाया गया। बीच में पानी भी पिलाया गया।

सुरक्षा की दृष्टि से कई वाहनों में वन रक्षक भी तेंदुआ के वाहन के आगे-पीछे चलते रहे। इसके साथ ही सभी जिलों की पुलिस ने भी रास्ते में वाहन को निकलवाने में सहयोग किया।सामाजिक वानिकी प्रभाग गाजियबाद की उप प्रभागीय वनाधिकारी डाॅ. सलाैनी मलिक के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने सुबह पांच बजे छोडने की प्रक्रिया शुरू की।

डाॅ. सलाैनी ने बताया कि कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद ठीक नौ बजे पिंजरा खोला गया। जैसे ही पिंजरा खोला गया,वैसे ही तेंदुआ तेजी से जंगलों की ओर दौड पड़ा।आधा घंटे तक वन विभाग की टीम ने तेेंदुआ को देखा और आंखों से ओछल होने के बाद टीम ने रेस्क्यू आपेरशन को बंद करते हुए पिंजरा वाहन में रख लिया।

वन विभाग सहारनपुर,मेरठ और गाजियाबाद की टीम ने तेेंदुआ रेस्क्यू आपरेशन की पूरी रिपोर्ट वहीं से लखनऊ मुख्यालय को भेजी। साथ ही तेंदुआ छोड़े जाने की वीडियो भी उच्चाधिकारियों को शेयर की गई। बता दें कि गोविंदपुरूम के स्कूल में सुबह पांच बजे दीवार फांदकर तेंदुआ घुसा था। शाम को चार बजे तेंदुआ को पकड़ा गया था।
महिला अधिकारियों की सूझ बूझ से पूरा हुआ रेस्क्यू आपरेशन

वन विभाग की तीन महिला अधिकारियों एवं स्कूल की उप प्रधानाचार्या की सूझ बूझ से तेंदुआ का रेस्क्यू आपरेशन पूरा हुआ है। बुधवार सुबह को तेंदुआ दिखाई देने के बाद स्कूल की उप प्रधानाचार्या बबीता झा ने तुरंत स्कूल के बच्चों एवं अभिभावकों को बताया कि किन्ही कारणों से परीक्षा रद्द कर दी गई है। इसके बाद सूचना मिलने पर वन रेंजर निम्मी टीम के साथ मौके पर पहुंची।

भ्रमण करने के बाद जाल बिछवाना शुरू कर दिया। इसके बाद उप प्रभागीय वनाधिकारी डाॅ. सलाैनी मलिक स्कूल में पहुंची और मेरठ में विशेषज्ञों से संपर्क किया। स्कूल के बाहर पुलिस से कहकर बेरिकेडिंग कराई गई। कुछ देर बाद ही प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी(आइएफएस) ईशा तिवारी पहुंचीं और सर्च ऑपरेशन के लिये ड्रोन मंगवाया।

स्कूल की छत पर चढ़कर ड्रोन से सर्च ऑपरेशन शुरू कराया गया। बाथरूम में तेंदुआ मिलने पर तीनों महिला अधिकारी तेंदुआ पकड़ने की रणनीति बनाती रहीं। दीवार में ड्रिल करके होल बनाया और ट्रैंकुलाइजर का उपयोग करके तेंदुए को बेहोश किया गया।

यह भी पढ़ें- दहशत में गुजरे 11 घंटे... पल-पल से खबरदार रहे लाखों लोग, गाजियाबाद में तेंदुए का आतंक   
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