मध्याह्न भोजन के लिए खरीदी गई थालियों के खर्च का नहीं दिया ब्योरा। सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। सरकारी पैसे का खर्च संबंधी हिसाब-किताब कितना खराब है, इसकी बानगी है 2023-24 एवं 2924-25 में स्कूली बच्चों के लिए खरीदी गई थालियों का उपयोगिता प्रमाण पत्र अब तक शिक्षा विभाग को नहीं मिला।
मध्याह्न भोजन योजना के तहत 71,863 प्रारंभिक विद्यालयों में 97 लाख बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था है जिसके लिए
जिला स्तर पर स्टील की थालियां खरीदी गई थीं।
इस मद में जिलों को जो राशि दी गई, उसका खर्च का हिसाब नहीं दिया। इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने थालियों की खरीद के लिए दी गई राशि का हिसाब मांगा गया है। इसके लिए मध्याह्न भोजन योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को 15 दिनों की मोहलत दी गई है।
प्रमाणपत्र नहीं देने वालों पर होगा एक्शन
बुधवार को मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय के निदेशक विनायक मिश्र ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (मध्याह्न भोजन योजना) को निर्देश दिया कि उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं देने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
बच्चों को मध्याह्न भोजनं कराने के लिए निर्धारित मानक के अनुरूप स्टील की थालियों की खरीदारी का निर्देश 21 नवंबर 2023 से 28 नवंबर 2025 तक जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (MDM) को मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय द्वारा दिया गया था।
थालियों की खरीदारी के बाद उस पर खर्च होने वाली राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (मध्याह्न भोजन योजना) से निदेशालय ने मांगा था।
थालियां खरीदने वाले स्कूलों की मांगी सूची
इसके बावजूद जिलों से अद्यतन उपयोगिता प्रमाण-पत्र मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय को नहीं मिला है। निदेशक ने स्टील की थालियां खरीदने वाले विद्यालयों की सूची की सॉफ्ट कॉपी भी पेनड्राइव में पदाधिकारियों से मांगी है।
विद्यालयों द्वारा दी जाने वाली जानकारी में वर्ग एक से पांच व वर्ग छह से आठ में नामांकन की अद्यतन स्थिति, पूर्व से उपलब्ध थालियों की संख्या, नवंबर-2023 में स्टील की थालियां क्रय करने के लिए प्राप्त राशि, मार्च-2024 में स्टील की थालियां क्रय करने के लिए प्राप्त राशि, दोनों चरणों में प्राप्त राशि से खरीदी गयी स्टील की थालियों की संख्या, उस पर खर्च हुई राशि एवं अवशेष राशि शामिल होगी। प्रधानाध्यापक द्वारा दी जाने वाली इन जानकारियों को प्रखंड साधनसेवी सत्यापित करेंगे। |
|