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प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, शिवहर। गलत तरीके से राशन कार्ड का लाभ उठाने वालों की खैर नहीं। शासन-प्रशासन की आंख में धूल झोंक कर वर्षों से सरकारी राशन का लाभ उठाने वालों पर अब प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग बिहार पटना के आदेश के आलोक में जिले के नौ हजार 997 अपात्र राशन कार्डधारी चिन्हित किए गए है। एसडीओ ने इन कार्डधारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस का जवाब नहीं देने या संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए
आधार और ई-केवाइसी के जरिए सत्यापन के बाद अपात्र लाभुकों का नाम लिस्ट से काटने की प्रशासनिक पहल तेज हो गई है। बुधवार को अनुमंडल कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुणाल ने बताया कि शिवहर के लगभग दस हजार कार्डधाारियों काे हटाया जाएगा। एसडीओ ने बताया कि जो दोहरा लाभ लेने वाले लोगों को चिन्हित किया गया है। इनकी संख्या नौ हजार 997 है।
एसडीओ ने बताया कि इसके लिए राशन कार्ड सत्यापन का काम जारी है। लगभग दस हजार कार्डधारकों का सत्यापन कराया जा रहा है। जनवरी में कार्य पूरे होने की उम्मीद है। बताया कि इस अभियान का लक्ष्य सरकारी राशन प्रणाली में पारदर्शिता लाना और जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया है कि इन राशन कार्डधारकों को नोटिस जारी किया गया है।
बताया कि गलत ढंग से राशन कार्ड प्राप्त कर सरकारी योजना का अनुदानित खाद्यान्न प्राप्त करने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जानी है। बताया, असंतुष्ट राशन कार्डधारी सात दिनों के अंदर साक्ष्य के साथ दावा-आपत्ति कर सकते है। एसडीओ ने बताया कि शिवहर जिले में कुल एक लाख 49 हजार 431 राशन कार्डधारी है। कुल लाभुकों की संख्या पांच लाख 73 हजार 997 है।
बताया कि राशन कार्ड के लिए चार अलग-अलग कोटि में काम चल रहा है। पहले 1.20 लाख से अधिक आय प्राप्त करने वालों को नोटिस भेजा गया है। दूसरे कोटि में ढ़ाई एकड़ से अधिक जमीन वाले को नोटिस भेजा गया है। तीसरे कोटि के तहत चार पहिया वाहन व चौथे कोटि के तहत किसी बड़ी कंपनी या संस्थान में नौकरी करने वालों को नोटिस भेजा गया है।
जिले में कार, मकान, बड़े किसान और व्यवसायी भी सरकार की मुफ्त व अनुदान आधारित राशन का लाभ उठा रहे है। वहीं एक ही परिवार में कई लोग गलत तरीके से राशन कार्ड का निर्माण करा योजनाओं का लाभ उठा रहे है। आधार व पैन से बैंक एकाउंट लिंक होने पर पैन कार्ड व्यक्ति की आय को रिकार्ड करता है । वहीं वाहन का रजिस्ट्रेशन, पीएम किसान निधि के डेटाबेस के आधार पर अपात्र राशन कार्डधारी चिन्हित किए गए है।
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