आय से अधिक संपत्ति मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया जेल में बंद है। उसका करीबी गुलाटी भी सलाखों के पीछे पहुंचा।
जागरण संवाददाता, मोहाली। आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में बंद अकाली नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के करीबी हरप्रीत सिंह गुलाटी से विजिलेंस रिमांड पर यह पता नहीं लगा पाई कि 2008 के दौरान 4.90 करोड़ रुपये कहां से आए। जब विजिलेंस ने रिमांड बढ़ाने की मांग रखी तो कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद गुलाटी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
रिमांड समाप्त होने के बाद विजिलेंस ने बुधवार को गुलाटी को अदालत में पेश किया। विजिलेंस ने अदालत को बताया कि आरोपित ने वर्ष 2008 के दौरान 4.90 करोड़ रुपये के एक लेन-देन संबंधी कुछ दस्तावेज पेश किए हैं, लेकिन वह इस रकम के स्रोत के बारे में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।
सरकारी वकील ने कहा कि वर्ष 2008-09 के बैंक स्टेटमेंट और आयकर रिटर्न की गहन जांच के लिए आरोपित का और पुलिस रिमांड आवश्यक है। दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकील ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित ने जांच में पूरा सहयोग दिया है। उन्होंने बताया कि जिन खाता-बही की मांग विजिलेंस कर रही है, वह गुलाटी के पास नहीं बल्कि उसके अकाउंटेंट के पास हैं, जो इस समय फरार है।
बचाव पक्ष ने कहा कि विजिलेंस यह दस्तावेज अमृतसर स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट से भी हासिल कर सकती है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पाया कि जांच एजेंसी को पूछताछ के लिए पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है। अदालत ने यह भी नोट किया कि अब जिन साक्ष्यों को जुटाना है, वह दस्तावेजी रूप में हैं और आरोपित की हिरासत में नहीं हैं।
इसी आधार पर अदालत ने रिमांड बढ़ाने की अर्जी को खारिज करते हुए गुलाटी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अब आरोपित को 17 जनवरी को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया जाएगा। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि विजिलेंस ब्यूरो इस मामले की जांच जारी रख सकती है। |
|