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सूर्य पृथ्‍वी के बेहद करीब, फ‍िर भी प्रचंड ठंड से जूझ रहे उत्तरी गोलार्ध में लोग; सामने आया कारण

deltin33 2026-1-8 11:56:46 views 1094
  

धरती के 45 लाख किमी नजदीक पहुंच चुका है इन दिनों सूर्य।  



रमेश चंद्रा, नैनीताल । कुदरत के करिश्में भी कम अजूबे नहीं। इन दिनों सूर्य हमारे बेहद करीब है और धरती का उत्तरी छोर प्रचंड ठंड से जूझ रहा है। वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार सूर्य की किरणे तिरछी पड़ने के कारण उत्तरी गोलार्ध में ठंड चरम पर है। इन दिनों पृथ्वी सूर्य के 45 लाख किमी नजदीक पहुंच चुकी है।

सूर्य की ऊष्मा गर्मी का एहसास कराती है, जीवन आसान बनाती है तो इसके बिना वनस्पतियों का पनपना भी मुमकिन नहीं। अब सूर्य इन दिनों हमारे बेहद करीब है तो गर्मी का एहसास भी अधिक होना चाहिए था, लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है, बल्कि ठंड इतनी अधिक है कि जीवन दुश्वार हो चला है। इसकी वजह सूर्य की किरणे हैं, जो इन दिनों उत्तरी गोलार्ध में तिरछी पड़ रही हैं। किरणें तिरछी पड़ने के कारण गर्माहट का एहसास कम हो जाता है। जिस कारण उत्तरी गोलार्ध में तापमान गिर जाते हैं और कड़ाके की ठंड पड़ती है।

सूर्य की किरणों का तिरछा होने का क्रम सितंबर के बाद से शुरू हो जाता है और मार्च तक अधिकांश तिरछी किरणें ही हम तक पहुंचती हैं और जैसे जैसे सूर्य भूमध्य रेखा की ओर बढ़ने लगता है तो ताप बढ़ना शुरू हो जाता है और गर्मी का एहसास भी बढ़ जाता है। इसके विपरीत दक्षिणी गोलार्ध में इन दिनों मौसम गर्मी का है। अब जैसे जैसे सूर्य की किरणों में बदलाव आने लगेगा तो दक्षिणी गोलार्ध में मौसम ठंड का शुरू होने लगेगा। जून जुलाई माह में हम गर्मी से जूझ रहे होते हैं तो दक्षिणी गोलार्ध में ठंड चरम पर पहुंच जाती है।  
पृथ्वी के तीन प्रतिशत करीब आया सूर्य

नैनीताल: आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के पूर्व निदेशक व सौर विज्ञानी डा वहाबउद्दीन के अनुसार सूर्य इन दिनों पृथ्वी के तीन प्रतिशत नजदीक है। तीन जनवरी को वह सबसे करीब था। इस दिन जो पेरिहेलियन डे के रूप में मनाया जाता है। अब सूर्य उत्तरायण होने लगा है। कुछ समय बाद गर्मी का एहसास भी बढ़ने लगेगा। पृथ्वी के अपने अक्ष में झुकाव के कारण सूर्य की किरणें पृथ्वी पर बदलते रहती हैं। यह क्रम पूरे वर्ष चलते रहता हैं।
बरकरार है सौर सक्रियता

नैनीताल: डा वहाबउद्दीन के अनुसार यह 25 वां सोलर साइकिल है, जो इन दिनों अधिकतम सक्रियता के दौर से गुजर रहा है। सौर सक्रियता को लेकर यह सोलर साइकिल अभी तक ऐतिहासिक रहा है। करीब 1.5 वर्षीय अधिकतम सौर चक्र के दौरान भयानक विस्फोट सूर्य की सतह पर हुए हैं। जिनसे सौर तूफान पृथ्वी की ओर आते रहे। ब्लैक आउट जैसे घटनाएं कई बार हुई। फिलहाल सौर सक्रियता जारी है और आने वाले दिनों में भी सूर्य की सतह पर विस्फोटों का दौर जारी रहने का अनुमान है।

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