हाईकोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई: गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप गायब होने पर FIR दर्ज।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप के कथित रूप से गायब होने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका का निपटारा कर दिया है। अदालत को पंजाब सरकार की ओर से अवगत कराया गया कि इस प्रकरण में 7 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। इस जानकारी के बाद हाई कोर्ट ने अवमानना याचिका को समाप्त कर दिया।
याचिकाकर्ता गुरुवतन सिंह ने यह अवमानना याचिका अक्टूबर महीने में दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि अगस्त में हाई कोर्ट के समक्ष पंजाब सरकार ने यह बयान दिया था कि गृह सचिव ने राज्य के डीजीपी को इस गंभीर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं।
इसके बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।याचिकाकर्ता का आरोप था कि अदालत के निर्देशों की अवहेलना की जा रही है, जिसके चलते उन्होंने सीधे पंजाब के डीजीपी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग की। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले में अब एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
याचिकाकर्ता ने याचिका में बताया था कि यह मामला 2015 से 2018 के बीच का है, जब एसजीपीसी के प्रकाशन विभाग से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूप लापता हो गए थे। इस मामले की जांच के लिए अकाल तख्त साहिब के सचिवालय द्वारा एक समिति का गठन किया गया था, इस समिति ने अपनी जांच के बाद 23 अगस्त 2020 को एसजीपीसी को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी।
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने इस मामले में एसजीपीसी की लापरवाही को देखते हुए 21 नवंबर 2024 को एक प्रतिनिधित्व प्रस्तुत किया था। उसी दिन, उन्होंने पंजाब सरकार को भी एक प्रतिनिधित्व दिया था, लेकिन किसी भी प्रतिवादी ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब इन प्रतिनिधित्वों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, तो याचिकाकर्ताओं ने 11 फरवरी 2025 को एक और रिमाइंडर भेजा।
बार-बार अपील करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो याचिकाकर्ताओं ने 11 मार्च 2025 को एसजीपीसी को कानूनी नोटिस भेजा। हालांकि, इस नोटिस का भी कोई जवाब नहीं मिला, जिससे याचिकाकर्ताओं को न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। |