Medaka Fish: किसी भी पुरुष को एक बार सेक्स के बाद दूसरी बार तैयार होने के लिए कुछ समय की जरूरत होती है जिसे रीफ्रैक्टरी पीरियड कहा जाता है. उसी प्रकार हर जानवर के लिए भी स्पर्म कोशिकाओं को रिलीज करना, ऊर्जा और समय की मांग करता है. प्रजनन की प्रक्रिया उनके सर्वाइल के लिए बहुत ही आवश्यक है. जीवों के स्पर्म प्रोडक्शन की लिमिट जानने के लिए जापान के वैज्ञानिकों ने मेडाका मछली(Oryzias latipes) पर रिसर्च की. इसमें जो बात सामने आई उसने वैज्ञानिकों के होश उड़ा दिए.
मछलियों का प्रजनन
रिसर्च में पता चला कि यह मछली दिन में 2 या 3 नहीं बल्कि एक दिन में औसतन 19 बार तक सेक्स कर सकती है. यह रिसर्च Royal Society Open Science जर्नल में 8 जनवरी को छापी गई थी. ज्यादातर मछलियां प्रजनन क्रिया के लिए External Fertilization का इस्तेमाल करती हैं. मादा मछलियां शरीर से बाहर अंडे छोड़ती हैं, जो अक्सर पानी के तल पर या पत्थरों और तलछट से बने घोंसले में जमा होते हैं. वहीं नर मछली अंडों के ऊपर तैर कर दिन में कई बार शुक्राणु छोड़ते हैं.
मछली है या सेक्स मशीन
मेडाका मछली को जापानी राइफिश भी कहा जाता है. इसकी लंबाई लगभग 1.4 इंच होती है. जापान में यह मछली धान के खेत, तालाब, दलदल और शांत नदियों में पाई जाती है. यह मछली बहुत ही आकर्षक और खूबसूरत होती हैं. ओसाका मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी में इवोल्यूशनरी इकोलॉजिस्ट, युकी कोंडो ने एक बयान में कहा, मेडाका उन कुछ मछलियों में से है जो अंडे देती है जहां पानी में अंडे और शुक्राणु छोड़े जाने के बाद ही फर्टिलाइजेशन होता है.
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स्टडी में क्या आया सामने?
स्टडी के दौरान वैज्ञानिकों ने मेडाका की शुक्राणुओं की संख्या मापी. प्रयोग से एक दिन पहले, अलग-अलग प्रजनन टैंकों से चुने गए नर और मादा मछलियों को अलग-अलग कांच के टैंकों में रखा गया. अगले दिन, एक नर और मादा मछली को एक साथ रखा गया और उनके व्यवहार को 20 मिनट तक ऑब्जर्व किया गया. फिर नर को नई मादा के साथ अलग टैंक में रखा गया. इस प्रक्रिया को वैज्ञानिकों ने तब तक दोहराया जब तक नर मछली ने तीन मादाओं के साथ संभोग करने में असफलता दिखाई.
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