जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात गैंग्स्टर राजेश बवाना के सक्रिय शूटर अंकित मान को दरियापुर पुलिया, मुनक नहर रोड, बवाना के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। वह हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी और हथियार व शराब तस्करी के नौ आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। इसके कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, तीन कारतूस व बाइक बरामद की गई है।
डीसीपी स्पेशल सेल के मुताबिक अंकित मान, गांव बाजितपुर ठकरान, बवाना का रहने वाला है। सोनीपत से उसने दसवीं तक पढाई की और फिर बुरी संगत में पड़ कर संगठित अपराध की दुनिया में कूद पड़ा। वह राजेश बवाना गिरोह के लिए सक्रिय शूटर और करीबी सहयोगी के रूप में उभरा।
पुलिस का कहना है कि वह राजेश बवाना का दामाद भी है। वर्तमान में राजेश बवाना, तिहाड़ जेल में बंद है। उसकी अनुपस्थिति में वह गिरोह चला रहा था। उसने गांव पूठ खुर्द के अजय डबास की हत्या की थी, जो हिमांशु भाऊ के सहयोगी विक्की का भाई था। विक्की, विदेश से हिमांशु भाऊ गिरोह की आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
एसीपी राहुल कुमार सिंह, इंस्पेक्टर मनेंद्र कुमार, संदीप यादव व इंस्पेक्टर नीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आठ जनवरी को दरियापुर पुलिया, मुनक नहर रोड, बवाना के पास जब बदमाश को रुकने का इशारा तब भागने के दौरान उसने पुलिस टीम पर चार राउंड फायर किए। आत्मरक्षा में, पुलिस टीम ने तीन राउंड फायर किए, जिनमें से एक गोली उसके दाहिने घुटने में लगी।
बदमाश द्वारा चलाई गई दो गोलियां हवलदार अमित कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं। बीते सितंबर में अंतरिम जमानत पर बाहर आने के बाद, अंकित मान फरार हो गया और राजेश बावाना गिरोह को फिर से स्थापित करने के लिए बदमाशों को गिरोह में शामिल कर रहा था।
उसने शराब तस्करों और व्यापारियों से रंगदारी वसूली के लिए काल करना शुरू कर दिया व सुपारी लेकर हत्या की सुपारी लेने लगा। वह नीरज बावाना-नवीन बाली और हिमांशु भाऊ गिरोह के प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के सदस्यों की हत्या की योजना बना रहा था। वह दिल्ली-एनसीआर में गंभीर अपराधों को अंजाम देने और उसके बाद विदेश भागने की योजना बना रहा था। |