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प्रतीकात्मक फोटो आगामी एक दो दिन में जारी होने शुरू हो जाएंगे नोटिस
जागरण संवाददाता, मेरठ। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में रिकार्ड न मिलने पर मतदाता को ईआरओ कार्यालय में नहीं भटकना पड़ेगा। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को मतदाताओं के लिए और भी सरल बनाते हुए चुनाव आयोग ने बड़ा निर्णय लिया है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में रिकार्ड न मिलने वाले जिले के 2.75 लाख मतदाताओं को अब नोटिस जारी किया जाएगा।
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के तहत जारी की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल उन 2.75 लाख मतदाताओं को आगामी एक दो दिन में नोटिस जारी किए जाएंगे जिन्होंने गणना प्रपत्र में अपना अथवा अपने माता-पिता का वर्ष 2003 की मतदाता सूची का विवरण दर्ज नहीं किया था।
नोटिस जारी करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) के नाम से लागिन तैयार करा लिए गए हैं। उन्हीं लागिन के माध्यम से नोटिस प्रिंट होंगे। मतदाताओं को साक्ष्यों के साथ सात दिन के भीतर इन नोटिस का जवाब देना होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी जिलाधिकारी डा. वी के सिंह ने बताया कि एसआइआर अभियान के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट छह जनवरी को जारी कर दी गई है।
मतदाता अपने बूथ पर पहुंचकर इस सूची का निरीक्षण करके अपना नाम तलाश लें। उन्होंने बताया कि कुल 26.99 लाख मतदाताओं में से ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 6.65 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। ये नाम मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित तथा डुप्लीकेट मतदाताओं के हैं। ड्राफ्ट लिस्ट में 2,75,211 मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने अपने गणना प्रपत्र में अपना अथवा अपने माता-पिता का वर्ष 2003 की मतदाता सूची का विवरण दर्ज नहीं किया है।
एक दो दिन में यह नोटिस जारी करने का कार्य शुरू हो जाएगा। जिसका जवाब और साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए मतदाता को सात दिन का समय दिया जाएगा। इन नोटिसों के जवाब की सुनवाई के लिए आयोग ने 269 अधिकारियों की ड्यूटी है। प्रत्येक अधिकारी रोजाना 100 नोटिसों की सुनवाई करेगा।
चुनाव आयोग ने यह अभिलेख किए हैं मान्य
- केंद्र, राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों या पेंशनभोगियों को जारी पहचान पत्र
- एक जुलाई 1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरणों/बैंकों/डाकघर/एलआइसी/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाणपत्र/अभिलेख
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट
- मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी हाईस्कूल/शैक्षणिक प्रमाण पत्र
- सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र
- वन अधिकार प्रमाण पत्र
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी हो)
- राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर
- सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र
- आधार के साथ कोई भी एक प्रमाण पत्र और लगाना होगा
- बिहार एसआइआर की मतदाता सूची
एजेंट ने कितने फार्म-6 जमा कराए, निगरानी करेगा आयोग
चुनाव आयोग ने एसआइआर के दौरान राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट की मदद लेने का हर संभव प्रयास किया है। अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के निरीक्षण के दौरान दावे और आपत्तियों के कार्यों में भी उन्हें प्राथमिकता पर रखा गया है। आयोग ने एजेंटों से अपील की है कि वे नए मतदाता बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा युवाओं से फार्म-6 भरवाकर उपलब्ध कराएं। उनके द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले फार्म-6 की संख्या की रोजाना निगरानी भी आयोग कर रहा है। |
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