डीएनडी पर माइक्रोरिसर्फेसिंग का कार्य फरवरी तक पूरा होगा।
जागरण संवाददाता, नोएडा। डीएनडी पर माइक्रोरिसर्फेसिंग का कार्य फरवरी तक पूरा होगा। नवंबर माह में जनवरी तक यह कार्य पूरा करने की समय सीमा थी। ग्रेप-4 की पाबंदियों के चलते यहां काम नहीं हो सका। जी-20 से पूर्व भी यहां पर माइक्रोरिसर्फेरिंग कराई थी।
दिल्ली-नोएडा डायरेक्ट (डीएनडी) फ्लाइवे की पांच करोड़ रुपये में माइक्रोरिसर्फेसिंग एनटीबीसीएल (नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड) कराएगी। नवंबर माह में इसकी सूचना कंपनी की ओर से जारी कर जनवरी तक कार्य पूरा करने का दावा किया था। ग्रेप-4 की पाबंदियों के चलते यहां पर माइक्रोसर्फेसिंग कार्य नहीं हो सका। अब फरवरी तक यह कार्य पूरा किया जाएगा।
जी-20 से पूर्व भी डीएनडी पर रिसर्फेसिंग कार्य कंपनी ने पांच करोड़ रुपये में कराया था। करीब आठ किमी लंबे इस फ्लाइवे की माइक्रोसर्फेसिंग, बिटुमेन कंक्रीट, सेमी डेंस बिटुमेन कंक्रीटिंग का कार्य शुरू किया गया है। यातायात प्रभावित न हो इसके लिए रात में यहां सुधार कार्य किया जाएगा।
एनटीबीसीएल की बोर्ड मीटिंग में पांच करोड़ से माइक्रोरिसर्फेसिंग कार्य कराने की स्वीकृति हुई थी। डीएनडी फ्लाइवे पर कंपनी का विज्ञापन का अधिकार है। विज्ञापन से बीते वित्तीय वर्ष में मिली रकम से यह कार्य कराया जा रहा है।
3.40 करोड़ प्राधिकरण को दिए
डीएनडी पर विज्ञापन के जरिये एनटीबीसीएल को एक वर्ष में 11 करोड़ रुपये मिले। अनुबंध के मुताबिक कंपनी ने 3.40 करोड़ रुपये नोएडा प्राधिकरण को दिए हैं।
दो लाख वाहनों का सुगम होता यातायात
डीएनडी से प्रतिदिन दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। सड़क की माइक्रोसर्फेसिंग होने के बाद इन वाहनों का सफर और अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।
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